नगर निगम की टीम की निगरानी में सहजनवां के सुथनी में कराया गया निस्तारण
केमिकलयुक्त रंग से रंगा गया था आलू, जांच में हुई थी पुष्टि, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। बीमारी न फैलाएं इसलिए केमिकलयुक्त रंग से रंगे गए लाल आलू को बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम की निगरानी में सहजनवां क्षेत्र के सुथनी में नष्ट करा दिया गया। बोरों को गड्ढे में दबा दिया गया। धंधेबाजों की साठगांठ से कानपुर से मंगाए गए दो ट्रक पर लदे 200 बोरी आलू को सितंबर में महेवा मंडी से जब्त किया गया था। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच कराई तो आलू को सेहत के लिए हानिकारक केमिकलयुक्त रंग से रंगने की पुष्टि हुई थी।
निस्तारण प्रक्रिया के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर निगम के ट्रकों से आलू को महेवा मंडी से सुथनी भेजा गया। वहां पहले से तय स्थान पर गड्ढा खोदकर आलू को उसमें डाला गया। ऊपर से मिट्टी भर कर उसे पाट दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित तरीके से की गई ताकि किसी प्रकार का पर्यावरणीय खतरा भी न रहे।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पाया गया था कि आलू को आयरन ऑक्साइड से रंगा गया था। यह वही केमिकल है जिसका प्रयोग आमतौर पर पेंट, सिरेमिक और कॉस्मेटिक्स में होता है। इसका सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है।
आमजन से अपील...रंगा हुआ आलू बिकता दिखे तो सूचना दें
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आलू के सुरक्षित निस्तारण के लिए नगर निगम को पत्र लिखा गया था। बृहस्पतिवार को निस्तारण प्रक्रिया पूरी की गई। आमजन से अपील है कि यदि कहीं इस तरह का रंगा हुआ आलू बिकता दिखे तो विभाग को सूचना दें। मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस तरह के आलू के सेवन से किडनी और लिवर डैमेज सहित गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। विभाग ने आम लोगों से सजग रहने और केवल भरोसेमंद विक्रेताओं से ही सब्जियां खरीदने की अपील की है।