घबराएं नहीं, कोविड के होम आइसोलेशन संबंधित प्रोटोकाल का पालन कर इस बीमारी को बिना अस्पताल गए ही शिकस्त दे सकते हैं। जिले के 27000 कोविड मरीजों के सापेक्ष 18000 से अधिक मरीजों ने होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना से जंग जीती है। यानी 70 फीसदी से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में रहकर कोविड को हरा चुके हैं। जबकि, चार हजार से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय का कहना है कि बस इस बात का ध्यान देना है कि अगर ऑक्सीजन का स्तर 94 से नीचे हो या फिर सांस संबंधित व अन्य कोई गंभीर परेशानी महसूस हो तो इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की मदद लेकर अस्पताल में इलाज करवाएं। होम आइसोलेशन का निर्णय भी स्वयं से नहीं लेना चाहिए। अगर चिकित्सकीय सलाह है, तभी यह फैसला लें अन्यथा अस्पताल का विकल्प चुनें।
बताया कि जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. एके चौधरी की देखरेख में सर्विलांस टीम प्रत्येक कोविड मरीज की कांटैक्ट ट्रेसिंग कर रही है। टेस्ट और ट्रीटमेंट के जरिए कोविड को हराने का प्रयास जारी है। चार हजार नए कोरोना के केस आने के बाद 52000 से अधिक लोगों की कांटैक्ट ट्रेसिंग की गई है। जनसमुदाय से अपील की है कि अगर कोविड मरीज के संपर्क में आ जाते हैं तो जांच अवश्य कराएं। सामान्य कोविड मरीज होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करें।
लोग मास्क, दो गज दूरी, हाथों की स्वच्छता के नियमों को गंभीरता से आत्मसात करें। अपने हाथों से नाक, मुंह और आंखों को न छुएं। अगर पास-पड़ोस में कोई प्रवासी हो या बाहर से आया व्यक्ति हो तो उसे भी कोविड जांच के लिए प्रोत्साहित करें। ज्यादा से ज्यादा जांच, इलाज और कांटैक्ट ट्रेसिंग के जरिए यह लड़ाई जीती जा सकती है।