अनुदानित विद्यालयों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति और वेतन भुगतान के आरोप में एसटीएफ गोरखपुर ने शुक्रवार की रात में 17 लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी सहित कई स्कूल प्रबंधक भी शामिल हैं। एसटीएफ ने पांच लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है। एसटीएफ के निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
बीएसए आफिस और स्कूल प्रबंधकों की मिलीभगत से जिले के अनुदानित स्कूलों में फर्जी नियुक्तियां की गई हैं। इन पर पूर्व में कई बार सवाल उठ चुका है। इधर, शासन के कड़े रुख के बाद ऐसे स्कूलों में की गई नियुक्तियों की जांच की जा रही है। जांच में कई अनुदानित स्कूलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्तियों का मामला पकड़ में आया है।
पकड़े गए आरोपियों ने फर्जी अनुमोदन के आधार पर वेतन भुगतान कराया है। डिस्पैच रजिस्टर में भी हेराफेरी की गई है। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह की तहरीर पर वित्त व लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव, दिलीप कुमार उपाध्याय, राघवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, विमल कुमार शुक्ला, ब्रजेश सिंह, अजीत उपाध्याय, राजकुमार मणि, ओमप्रकाश मिश्र, जनार्दन उपाध्याय, कुमारी अंजना, सुरेंद्र यादव, विनय कुमार, जगदीश यादव, कुमारी विमला यादव, नीतू रस्तोगी, श्वेता मिश्रा, रंजना कुमारी पर कोतवाली में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रात में ही अजीत उपाध्याय निवासी मनिहारी कोतवाली सलेमपुर, राजकुमार मणि निवासी बौरडीह गौरी बाजार, संजय कुमार आर्य निवासी खामपार, ओमप्रकाश मिश्र निवासी अहिल्यापुर बुजुर्ग सदर कोतवाली, मुन्ना यादव निवासी भटवलिया सदर कोतवाली को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ के निरीक्षक एसपी सिंह ने बताया कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।