डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे गोरखपुर जिले को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश सरकार ने जिले में 17 दंत शल्य चिकित्सक दिए हैं। इसमें से 14 डॉक्टरों ने ज्वाइन भी कर लिया है। इसके बाद से दंत चिकित्सकों की संख्या 18 हो गई है। क्योंकि पहले ही चॉर डाक्टर थे। इसके बाद से शल्य चिकित्सकों की कमी दूर हो गई है। अब ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए शहर भी नहीं आना पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक जिले में कुल 21 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैं। इनमें केवल चार सीएचसी पर दंत रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। शेष पर पदों का सृजन नहीं हुआ था। सरकार ने सभी सीएचसी पर दंत शल्य चिकित्सकों के पदों के सृजन की प्रक्रिया शुरू की।
इसके बाद वेतन आहरित करने का आदेश जारी कर दिया है। लगभग 20 साल बाद इन चिकित्सकों की तैनाती की गई है। तीन चिकित्सकों ने अभी ज्वाइन नहीं किया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही वह भी ज्वाइन कर लेंगे। इतना ही नहीं जिन चिकित्सकों ने ज्वाइन किया है।
वहां दंत रोग से संबंधित सामानों की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। प्रथम चरण में कुर्सी-मेज, दवाएं खरीदे जाएंगे। इसके बाद मशीन की खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि दंत चिकित्सकों के मिल जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। केवल चार सीएचसी पर ही दांत रोग विशेषज्ञ थे। अन्य क्षेत्रों के मरीजों को दूर-दूर से जिला अस्पताल आना पड़ता था। अब उन्हें इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।