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पूर्वोत्तर रेलवे में चल सकती हैं 16 हाई स्पीड निजी ट्रेनें, रेलवे बोर्ड करेगा अंतिम निर्णय 

Sat, 28 Dec 2019 03:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
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हाईस्पीड ट्रेन
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तेजस के बाद अब पूर्वोत्तर रेलवे से 16 हाई स्पीड ट्रेन चल सकती हैं। इनमें चार ट्रेनें गोरखपुर से होकर चलाई जाएंगी। इन्हें छपरा से दिल्ली वाया गोरखपुर, गोरखपुर से आनंद विहार, गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस व बंगलूरू के लिए चलाने पर विचार चल रहा है। 

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रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों को चलाने के लिए रूट पर पहले से चल रहीं ट्रेनों की आय और चलाने का समय आदि ब्योरा तीन महीने में मांगा है। इसके बाद ट्रेनों को चलाने के लिए टेंडर निकाला जाएगा। रेलवे के जानकारों के मुताबिक ये निजी ट्रेनें 2021 में चलेंगी।

देश की पहली तेजस ट्रेन पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन से अक्तूबर 2019 को चलाई गई थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने देश भर में 100 ट्रेनों का संचालन कारपोरेट घरानों को सौंपने का निर्णय लिया है। 
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पिछले दिनों रेलवे बोर्ड ने सभी जोन से हाईस्पीड ट्रेन चलाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया। हालांकि अभी इसे लेकर लिखापढ़ी शुरू नहीं हुई है लेकिन पूर्वोत्तर रेलवे में 16 ट्रेनें चलाने पर सहमति बनी है। सूत्रों की माने तो जिस रूट पर आरक्षित टिकट में वेटिंग ज्यादा है उन्हें ही चुना गया है। यानी अधिक आमदनी वाले रूट पर ही ये ट्रेनें चलेंगी।

इन रूटों पर चल सकती हैं ट्रेनें 
गोरखपुर से दिल्ली जाने वालों की भीड़ ज्यादा है। इसे देखते हुए एक ट्रेन छपरा से दिल्ली वाया गोरखपुर और एक ट्रेन गोरखपुर से दिल्ली, गोरखपुर से मुंबई, गोरखपुर से बंगलूरू, छपरा से वाराणसी होकर दिल्ली व मुंबई, वाराणसी से मुंबई, इलाहाबाद से मुंबई व दिल्ली, लखनऊ से मुंबई रूट पर हाईस्पीड ट्रेन चलाने की संभावनाएं तलाशी हैं। हालांकि समय को लेकर मंथन जारी है क्योंकि देखा जाएगा कि उस वक्त वहां कौन सी ट्रेन गुजरेगी। 

कोच भी प्राइवेट कंपनियां ही खरीदेंगी
हाईस्पीड ट्रेन चलाने के लिए कोच भी प्राइवेट कंपनियां खरीदेंगी। रेलवे के जानकारों की माने तो ये कोच विदेशों से मंगाए जाएंगे। इसके बाद इसे रेलवे की कोच फैक्ट्री में तैयार किया जाएगा। 

भविष्य में तेजस की तरह कारपोरेट ट्रेन चलाने की योजना है। अलग-अलग फोरम पर जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसके बाद रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा। अभी योजना प्राथमिक स्टेज पर है। हाईस्पीड वाली इन ट्रेनों को चलाने में अभी वक्त लगेगा।
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-पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ एनईआर

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