50 हजार रुपये से अधिक के सामान की ढुलाई पर ई-वे बिल बनाना अनिवार्य है। ई-वे बिल प्रणाली ऑनलाइन है। इसे ट्रांसपोर्टर खुद से जनरेट कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार पहले ई-वे बिल एक राज्य से दूसरे राज्य में माल ढुलाई को लेकर किया जाता था। अब 50 हजार से अधिक के सामान क्षेत्रीय जगहों से बाहर परिवहन करने पर अनिवार्य किया गया है। ये डिजिटल ही बनाया जाता है।
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इन वस्तुओं के लिए ई-वे बिल जरूरी
खाद्य तेल, खाद्य पदार्थ, चीनी, पान मसाला, तंबाकू और उनसे बने उत्पाद, सीट्स, प्लाई बोर्ड, फाइबर बोर्ड, आयरन व स्टील, इलेक्ट्राॅनिक्स के सभी सामान, मोटर व्हीकल, मोटर पार्ट्स, फर्नीचर, मिनरल वॉटर, टाइल्स व अन्य सेरेमिक उत्पाद, फुटवियर, सीमेंट व सीमेंट से बने सामान, एल्युमिनियम एवं उससे बने उत्पाद, मशीनरी व मेकेनिकल पार्ट्स, लोहा सहित कई वस्तु पर जीएसटी कर लगाई गई है।
एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड टू देवमणि शर्मा ने कहा कि एसआईबी की टीम ने गोपनीय तथ्यों के आधार पर इन ट्रकों की जांच करवाई थी। एक साथ 15 ट्रकों में अवैध सामान मिले। करीब दो करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया है।