बिजली निगम में मानक से अधिक बिजली बिल की गणना कर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं से राजस्व वसूलने की पुष्टि होने पर कार्यदायी एजेंसी से 15 लाख रुपये का जुर्माना जमा करवाया है। हालांकि यह एक खंड की जुर्माना राशि है। तीनों खंड की रिपोर्ट आने के बाद राशि और बढ़ जाएगी।
शहर के 55 हजार स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के बिल बनाने की जिम्मेदारी बंगलुरु की एजेंसी बिजनेस कंसल्टिंग एंड आइटी सॉल्युशंस (बीसीआइटीएस) को दी गई है। आरोप था कि एजेंसी ने इन मीटरों के बिल बनाने के एवज में भी रुपये मांगे थे।
मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्मार्ट मीटर के बिलों में कुछ गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। खंडवार इसकी जांच करवाई गई। दो सदस्यीय कमेटी ने पूरे मामले की जांच कर रही है। अभी एक खंड से 15 लाख रुपये का जुर्माना एजेंसी पर लगाया गया है। इसके पहले भी एक बार 45 लाख रुपये का जुर्माना लगा था। अभी चारों खंड की रिपोर्ट आने के बाद जुर्माने की राशि और बढ़ सकती है।
पिछले 15 दिन से छुट्टी पर होने की वजह से इसकी जानकारी नहीं है। मंगलवार को वापस आने पर ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
-प्रवीण, प्रोजेक्ट मैनेजर ( बीसीआईटीएस)