इस जोन के अंतर्गत जो जिले आते हैं वहां बहने वाली सरयू, राप्ती, गंडक, रोहिन, गोर्रा, बूढ़ी राप्ती, गंगा, टोंस, सहित अन्य नदियों पर बाढ़ निरोधक कार्य कराए जाने हैं। जो परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं उनमें गोरखपुर की 28 परियोजनाएं हैं। महराजगंज की 7 परियोजना , कुशीनगर की 14 परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। जबकि देवरिया की भी 14 परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है।
संतकबीरनगर की 5, बस्ती की 8 सिद्धार्थनगर की 16 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार बलरामपुर की 9 बलियां की 13 परियोजनाओं पर कार्य कराया जाएगा। जबकि आजमगगढ़ की तीन मऊ की 5 परियोजनाओं पर काम कराया जाएगा। नेपाल की 15 परियोजनाओं पर कार्य कराया जाना है।
जो परियोजनाएं स्वीकृत हैं वहां तटबंधों का उच्चीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, बाढ़ निरोधक कार्य, मिर्जापुर स्टोन बोल्डर से स्लोप पिचिंग, के अलावा रेगुलेटर निर्माण का कार्य कराया जाना है। इसके अलावा लांचिंग अपरन एवं स्लोप पिचिंग का कार्य कराया जाएगा। कई स्थानों पर स्पर की पुर्नस्थापना किया जाएगा।
गंडक जोन के मुख्य अभियंता आलोक जैन ने कहा कि गंडक जोन में बाढ़ निरोधक कार्य कराने के लिए 137 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। उसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनुबंध गठित होने के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा।