सरकार को प्रति वर्ष तीन लाख रुपये से अधिक की गेहूं-धान की उपज बेचने वाले गोरखपुर जिले के 1236 किसान मुफ्त राशन का भी लाभ ले रहे हैं। आधार सत्यापन प्रक्रिया में सच सामने आने के बाद पूर्ति विभाग इन किसानों के राशन कार्ड को निरस्त करने की तैयारी कर रहा है। वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह के अनुसार, सरकार सस्ती दर पर राशन लेनेे वाले अपात्र परिवारों के राशन कार्ड सत्यापन कराने के बाद निरस्त कर रही है। नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर की मदद से पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों का आधार सत्यापन कराया गया।
आधार मैचिंग में स्पष्ट हुआ कि जिले में 1236 राशन कार्ड धारकों ने वर्ष 2020-21 में सरकारी खरीद एजेंसियों को तीन लाख से दस लाख रुपये तक की रबी या खरीफ की फसल बेची है। प्रदेश में इस तरह के 63991 राशन कार्ड धारक यानी किसान पाए गए हैं। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड का मानक है कि परिवार के सभी सदस्यों की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम हो। इस आधार पर जिले के 1236 किसान अपात्र पाए गए हैं।
शासन की गाइडलाइन के अनुसार अपात्र होने के बावजूद यह किसान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का अनुचित लाभ उठा रहे हैं। वरिष्ठ पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह ने बताया कि खाद्य आयुक्त कार्यालय से जारी सूची का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त होंगे।
यह हैं मानक
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए परिवार में चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर व पांच केवीए या उससे अधिक का जनरेटर नहीं होना चाहिए। लाभार्थी आय करदाता न हो, परिवार में किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्य के नाम पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि न हो। परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस न हों। समस्त सदस्यों की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख रुपये तथा शहरी क्षेत्र में तीन लाख रुपये से अधिक न हो। शहरी क्षेत्र में परिवार के पास 100 वर्गमीटर से अधिक आवासीय प्लॉट या 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक का व्यावसायिक भू-भाग न हो।