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गोरखपुर: जोन में 100 उपभोक्ता ऐसे, जिनकी बिजली खपत प्रतिमाह सिर्फ 10 यूनिट, एमडी ने जांच की मांगी रिपोर्ट 

Sun, 03 Apr 2022 06:18 PM IST
सुशील कुमार रोहित सिंह, गोरखपुर

सार

एमडी ने भेजे पत्र में लिखा है कि बिल रिवीजन एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को समय से ऋुटिरहित बिल उपलब्ध कराना है। लेकिन, फरवरी माह के बिल के आंकड़ों का परीक्षण करने पर मामला इन 100 बिलों का सत्यापन कराया जाना बेहद जरूरी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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गोरखपुर जोन में 100 ऐसे उपभोक्ता मिलें हैं, जिनकी प्रतिमाह बिजली खपत सिर्फ 10 यूनिट तक है। इनके द्वारा बिजली नियमित उपभोग की जाती है। ये आंकड़ा एमडी पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की जांच में सामने आया है। इन उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में विभागीय कृपा से बिल की धनराशि 90 प्रतिशत तक रिवाइज( संशोधित) की गई है। मुख्य अभियंता ने जोन के अधीक्षण अभियंताओं को पत्र भेजकर इनकी जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है।

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एमडी ने भेजे पत्र में लिखा है कि बिल रिवीजन एक संवेदनशील प्रक्रिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को समय से ऋुटिरहित बिल उपलब्ध कराना है। लेकिन, फरवरी माह के बिल के आंकड़ों का परीक्षण करने पर मामला इन 100 बिलों का सत्यापन कराया जाना बेहद जरूरी है। निगम के राजस्व हित में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जोन के 100 उपभोक्ताओं का बिल रिवीजन कर विद्युत खपत 10 यूनिट या उससे भी कम खपत प्रतिमाह दिखा दिया गया है। इस पत्र के बाद से जोन में हड़कंप मच गया है। सबसे अधिक मामले देवरिया और गोरखपुर ग्रामीण खंड प्रथम के हैं। ग्रामीण खंड में 100 उपभोक्ताओं के मामलों में कुल 31 केस इसी खंड के तहत हैं। सभी की रिपोर्ट 7 अप्रैल तक बनाकर एमडी ऑफिस भेजी जानी है।

ग्रामीण खंड मोहद्दीपुर में सबसे अधिक मामले
एमडी की भेजी गई जांच रिपोर्ट में सबसे अधिक मामले ग्रामीण खंड प्रथम मोहद्दीपुर के हैं। इस खंड में कुल 23 मामले बिल संसोधन के सामने आए हैं। यहां 10 यूनिट प्रतिमाह या उससे भी कम खपत के हिसाब से बिल संशोधन किए गए हैं। बिल संशोधन के मामले सामने आने के बाद सभी के होश उड़े हैं। दरअसल, सभी ने अपने-अपने तरीके से बिलों का संशोधन करवाया है, तभी ये मामले सामने आए। अब सवाल है कि किस कर्मचारी या अभियंता ने इन बिलों के संशोधन में भुमिका निभाई, इसकी जांच की जाएगी। 
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जोन के चारों खंडों में मामले सामने आए
जोन के चारों खंडों में बिल संशोधन के दौरान गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं। इसमें देवरिया खंड में 32 मामले, ग्रामीण खंड प्रथम में 23, द्वितीय में कुल 8 मामले सामने आए। कुशीनगर खंड में 27 और महाराजगंज खंड में 10 केस के जांच में सामने आए हैं। शहरी खंड में बिल संशोधन की गड़बड़ी नहीं मिली है।

केस-1
पिपराइच की उर्मिला देवी के आवास पर दो किलोवाट का बिजली कनेक्शन है। 10 से 20 यूनिट खपत के हिसाब से प्रतिमाह इनकी बिल बना दिया। 39 हजार रुपये से अधिक के बिजली बिल को तीन हजार रुपये में निपटा दिया।

केस-2
सिकरीगंज माजदा खातून के परिसर में दो किलोवाट का कनेक्शन है। फरवरी में इनके परिसर में 6 यूनिट की खपत के हिसाब से बिजली बिल बना दिया। 387 रुपये के बिजली बिल को रिवाइज कर 16 रुपये कर दिए गए।

केस-3
चौरीचौरा के महाराजी देवी के परिसर में भी दो किलोवाट का कनेक्शन है। 6 यूनिट प्रतिमाह की खपत से बिजली बिल बना दिया गया। इनका कुल 55851 रुपये बिजली बिल था, जिसे रिवाइज कर 1619 रुपये तक दिया। 

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