गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अब दिल्ली या लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे मरीजों का इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हो जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बनाया जाएगा। इसके निर्माण व उपकरण की खरीद में करीब 44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इस यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसी धनराशि में क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए वेंटिलेटर व दूसरे आवश्यक जीवन रक्षक उपकरण भी खरीदे जाएंगे। इसको लेकर केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखा है। इसमें पांच वित्तीय वर्ष में चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जिलों में क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना की जाएगी।
आईसीयू के 40 बेड रहेंगे
क्रिटिकल केयर यूनिट में इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के 40 बेड रहेंगे। इस आईसीयू में वेंटिलेटर समेत जीवन रक्षक सभी उपकरण मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 30 वर्ड का हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) भी स्थापित होगा। इसमें आईसीयू से कुछ कम गंभीर मरीज रखे जाएंगे। इसके अलावा 20 बेड का ही नॉन वेंटिलेटर आईसीयू व 10 बेड इमरजेंसी बेड भी होगा। इसमें वेंटिलेटर छोड़कर शेष सभी इंतजाम होंगे। इसमें दो माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर भी होंगे।
इस समय जो ट्रामा सेंटर संचालित है, उसे हटाया जा रहा है। वहां क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना होगी। इसके लिए जरूरत पड़ने पर भवन का विस्तार चार मंजिला तक किया जाएगा। इसके सभी उपकरणों की खरीद के लिए केंद्र सरकार रकम आवंटित करेगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक इसे संचालित भी कर दिया जाएगा।
-डॉ. गणेश कुमार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज