डीडीयू के गृह विज्ञान विभाग में आयोजित 10 दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्र
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित 10 दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। परास्नातक की छात्रा अनुप्रिया यादव को सर्वोत्तम प्रशिक्षु का पुरस्कार मिला।
मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखतीं बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में हुनर ही सबसे बड़ी पूंजी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करते हैं और आत्मनिर्भर बनने के लिए सशक्त बनाते हैं।
विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न हस्तशिल्प एवं तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। संयोजन डॉ. नीता सिंह ने किया। प्रशिक्षण में चित्रा श्रीवास्तव एवं दीपा शर्मा के साथ ही आईटीआई गौरीबाजार की क्षमा रानी, राजेश यादव, जयदीप मौर्य एवं मयंक श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।