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गोरेपन की क्रीम खरीदते वक्त जरूर देंखे ये 3 चीजें

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'सिर्फ सात दिनों में गोरी त्वचा...' गोरेपन का दावा करने वाली कई कंपनियां अपनी फेयरनेस क्रीम के विज्ञापन में ऐसे दावे करती हैं। लेकिन असलियत में क्या वाकई इनसे रंगत में निखार आता है?
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फेयरनेस क्रीम में कौन सी ऐसी चीजें हैं जो त्वचा में निखार लाती हैं और कौन से केमिकल नुकसान पहुंचाते हैं, इसकी जानकारी जरूरी है। किसी भी फेयरनेस क्रीम के लेबल पर छपीं इन चीजों के आधार पर आप पता लगा सकते हैं कि आपके लिए कौन सी फेयरनेस क्रीम बेहतर है।
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अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड्स

अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड्स त्वचा की रंगत निखारने में अहम भूमिका निभाते हैं। गन्ने और छाछ में पाए जाने वाले इस तत्व का प्रयोग आयुर्वेदिक कंपनियां भी अपने उत्पादों में इसका इस्तेमाल करती हैं।

एएचए में मुख्यतः दो प्रकार के एसिड आते हैं - लैक्टिक एसिड (दूध से बने उत्पादों में मौजूद) और ग्लायकोलिक एसिड (गन्ने में मौजूद)। कोशिश करें आपकी फेयरनेस क्रीम में ये एसिड जरूर हों।

विटामिन ए से जुड़े तत्व
विटामिन ए से बनने वाले तत्व रेटिनोल, रेटिनलडीहाइड और रेटिनल पामिटेट जैसे तत्व त्वचा की रंगत निखारने में मदद करते हैं। ये त्वचा में कोलेजन का मात्रा बढ़ाते हैं जिससे त्वचा सेहतमंद रहती है।

विटामिन सी से जुड़े तत्व
विटामिन सी में अल्ट्रा पोटेंट एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को निखारते हैं और दाग-धब्बे दूर करते हैं। किसी भी फेयरनेस क्रीम में कम से कम 10 प्रतिशत तक विटामिन सी होना जरूरी है।

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