क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर अखबार की कटिंग को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। इस खबर को एक्स, फेसबुक, व्हाट्सएप जैसे तमाम सोशल मीडिया माध्यमों पर तैर रही है। इसे साझा कर लोग दावा कर रहे हैं कि व्हाट्सएप और फोन काल्स सम्बन्धी संचार के नए नियम लागू किए जा रहे हैं।
इस खबर को भारतीय राष्ट्रीय मोर्चा ने एक्स पर पोस्ट किया है। यूजर ने लिखा, 'संघी सरकार द्वारा ट्विटर पर लोगों के एकाउन्टस बंद करने का दवाब बनाया जा रहा है और जो व्हाट्सएप और फोन काल्स सम्बन्धी संचार के नए नियम लागू किए जा रहे हैं। क्या ये देश के नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन नहीं है? सरकार का ये रवैया क्या कहा जायेगा?'
पड़ताल
यह दावा सरकार से जुड़ा हुआ था लिहाजा अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने सरकार के सोशल मीडिया अकाउंट स्कैन किए। इस दौरान हमें पीआईबी फैक्ट चेक का एक एक्स पोस्ट मिला। इसमें पीआईबी फैक्ट चेक ने वायरल खबर का खंडन किया था।
एक्स पोस्ट में बताया गया कि सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे एक फोटो के माध्यम से यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा 'नए संचार नियम' के तहत सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी की जाएगी। भारत सरकार द्वारा ऐसे कोई नियम लागू नहीं किए गए हैं।
इसके साथ ही सलाह दी गई कि ऐसे किसी फर्जी सूचना को शेयर न करें।