फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fact Check: सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी के लिए सरकार ने नहीं लागू किए संचार नियम, जानें वायरल खबर का सच

Fri, 23 Feb 2024 07:32 PM IST
शिवेंद्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा 'नए संचार नियम' के तहत सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी की जाएगी। हालांकि, यह दावा पूरी तरह से गलत है। 
 
विज्ञापन
संचार नियम फैक्ट चेक - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अखबार की कटिंग साझा की जा रही है। इस कथित खबर के जरिए दावा किया जा रहा है कि सरकार व्हाट्सएप और फोन कॉल के नए संचार नियम लागू कर रही है। 
विज्ञापन
Trending Videos

क्या है दावा?
सोशल मीडिया पर अखबार की कटिंग को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। इस खबर को एक्स, फेसबुक, व्हाट्सएप जैसे तमाम सोशल मीडिया माध्यमों पर तैर रही है। इसे साझा कर लोग दावा कर रहे हैं कि  व्हाट्सएप और फोन काल्स सम्बन्धी संचार के नए नियम लागू किए जा रहे हैं। 

इस खबर को भारतीय राष्ट्रीय मोर्चा ने एक्स पर पोस्ट किया है। यूजर ने लिखा, 'संघी सरकार द्वारा ट्विटर पर लोगों के एकाउन्टस बंद करने का दवाब बनाया जा रहा है और जो व्हाट्सएप और फोन काल्स सम्बन्धी संचार के नए नियम लागू किए जा रहे हैं। क्या ये देश के नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन नहीं है? सरकार का ये रवैया क्या कहा जायेगा?'
 

 

पड़ताल 
यह दावा सरकार से जुड़ा हुआ था लिहाजा अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने सरकार के सोशल मीडिया अकाउंट स्कैन किए। इस दौरान हमें पीआईबी फैक्ट चेक का एक एक्स पोस्ट मिला। इसमें पीआईबी फैक्ट चेक ने वायरल खबर का खंडन किया था। 

एक्स पोस्ट में बताया गया कि सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे एक फोटो के माध्यम से यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि भारत सरकार द्वारा 'नए संचार नियम' के तहत सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी की जाएगी। भारत सरकार द्वारा ऐसे कोई नियम लागू नहीं किए गए हैं।

इसके साथ ही सलाह दी गई कि ऐसे किसी फर्जी सूचना को शेयर न करें।
 
विज्ञापन

पड़ताल का नतीजा: 
हमारी पड़ताल से साफ है कि भारत सरकार ने सोशल मीडिया और फोन कॉल की निगरानी करने के लिए कोई नियम लागू नहीं किए हैं। इस तरह से वायरल दावा गलत है। 

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें