क्या है दावा?
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणा-पत्र में कुछ तस्वीरों को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आपत्ति जताई। सुधांशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तस्वीर को दिखाते हुए कहा, 'कांग्रेस के घोषणा-पत्र में जल प्रबंधन पर एक तस्वीर है। यह तस्वीर न्यूयॉर्क राज्य की बफेलो नदी की है। पता करें कि उन्हें यह तस्वीर किसने भेजी?
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यह भी कहा कि घोषणा-पत्र के पर्यावरण सेक्शन में थाईलैंड की एक तस्वीर डाली गई है।
पड़ताल
सबसे पहले हमने जल प्रबंधन से जुड़ी न्यूयॉर्क की बताए जाने वाली तस्वीर की पड़ताल की। कांग्रेस के घोषणा-पत्र में इस्तेमाल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें
न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल की वेबसाइट पर प्रकाशित एक प्रेस रिलीज मिली। इसके मुताबिक, न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल जेम्स ने प्लास्टिक प्रदूषण से पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने के लिए पेप्सिको के खिलाफ कार्रवाई की थी। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि बफेलो नदी के किनारे पेप्सिको के सैकड़ों उत्पाद पाए गए, जो पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं।
इसी प्रेस रिलीज के 71वें बिंदु में एक तस्वीर मिली जोकि कांग्रेस के घोषणा-पत्र में इस्तेमाल की गई थी। फोटो के बारे में विवरण दिया गया था कि बफेलो नदी और उसके आसपास रहने वाले पक्षी, जैसे कि मैलार्ड बत्तख, लून और जलकाग, प्लास्टिक प्रदूषण को भोजन समझकर निगलने के लिए जाने जाते हैं।
(कांग्रेस के घोषणा-पत्र इस्तेमाल की गई तस्वीर बनाम असली तस्वीर)
पहली पड़ताल से स्पष्ट है कि कांग्रेस के घोषणा पत्र में इस्तेमाल की गई तस्वीर अमेरिका के बफेलो नदी की है जैसा कि भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया है कि न्याय पत्र के पर्यावरण सेक्शन में थाइलैंड की तस्वीर इस्तेमाल की गई थी। दरअसल, यह कोलाज तस्वीर कांग्रेस के घोषणा-पत्र में 42वें पेज पर है जिसमें सूखा, नदी और फसल को दिखाया गया है। भाजपा के दावे की पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को रिवर्स सर्च किया। पड़ताल के दौरान हमें यह तस्वीर फोटो कलेक्शन वेबसाइट
आई स्टॉक पर मिली। कैप्शन के अनुसार, यह फोटो 17 जुलाई, 2018 को अपलोड की गई थी। फोटो की लोकेशन थाईलैंड बताई गई है।
(कांग्रेस के घोषणा-पत्र इस्तेमाल की गई तस्वीर बनाम असली तस्वीर)