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केजीएमयू में मुश्किल होगा गरीबों का इलाज, महंगी होंगी जांचें

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पैथोलॉजी जांच और वेंटीलेटर शुल्क बढ़ाने की तैयारी - फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ अखिलेश सरकार मरीजों के लिए सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की कोशिश में जुटी है तो वहीं किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) एक बार फिर मरीजों की जांच के नाम पर मरीजों की जेब ढीली करने की तैयारी कर रहा है।
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इस बार पैथोलॉजी जांच और वेंटीलेटर शुल्क बढ़ाने की तैयारी है। इससे पहले प्राइवेट रूम और दंत संकाय के शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई थी।

केजीएमयू में भी गरीबों का इलाज और मुश्किल हो जाएगा। 51 रुपये में छह माह के पंजीकरण के बाद जांच शुल्क, भर्ती शुल्क बढ़ाया गया।

अब पैथोलॉजी जांच शुल्क भी बढ़ाने की तैयारी है। अस्पताल प्रशासन के सूत्रों की मानें तो इस बार न्यूनतम 20 फीसदी और अधिकतम 50 फीसदी वृद्धि की जाएगी। इस प्रस्ताव को हॉस्पिटल बोर्ड के सामने रखने की तैयारी हो रही है।

यह शुल्क वृद्धि केजीएमयू पहुंचने वाले लगभग नौ हजार मरीजों पर भारी पड़ेगी। सूत्रों के अनुसार केजीएमयू प्रशासन केमिकल पैथोलॉजी, न्यूरोपैथोलॉजी, हिमैटोलॉजी सेक्शन का जांच शुल्क बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले केजीएमयू में प्राइवेट रूम का शुल्क 1 हजार से दो हजार तक किया जा चुका है। वहीं डायलिसिस का रेट भी दोगुना हो चुका है।
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