जुबीन गर्ग और हिमंत बिस्वा सरमा
- फोटो : इंस्टाग्राम
कार्यक्रम में नहीं थी बड़ी प्रस्तुति
महंता ने यह भी दावा किया कि जुबीन का इस बार कोई बड़ा म्यूजिकल शो करने का इरादा नहीं था। उनका उद्देश्य लोगों से मिलना, बातचीत करना और कुछ गीत सुनाना भर था। यही वजह रही कि वो अपनी पूरी टीम को साथ भी नहीं लाए थे। उनके साथ सिर्फ उनके चचेरे भाई संदीपन गर्ग, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी थे।
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हादसे से पहले की सच्चाई
आयोजकों के मुताबिक सोशल मीडिया पर चल रही कुछ खबरें पूरी तरह गलत हैं। महंता का कहना है कि कार्यक्रम की शुरुआत ही शुक्रवार से होनी थी और उससे पहले जुबीन ने कहीं भी प्रस्तुति नहीं दी थी। जिस दिन समुद्र में तैरते समय उनकी जान गई, उस वक्त आयोजन समिति होटल में बैठकों में व्यस्त थी और उन्हें इस यॉट ट्रिप की जानकारी तक नहीं थी। जैसे ही हादसे की खबर मिली, पूरी टीम सीधे अस्पताल पहुंची।
हिमंत बिस्वा सरमा और जुबीन गर्ग
- फोटो : इंस्टाग्राम
जुबीन का नॉर्थ ईस्ट के प्रति समर्पण
महंता ने कहा कि जुबीन गर्ग हमेशा नॉर्थ ईस्ट का चेहरा बनकर हर मंच पर पहुंचे। चाहे भारत हो या विदेश, उन्होंने कभी निमंत्रण ठुकराया नहीं। वह मानते थे कि एक कलाकार का फर्ज है कि अपने क्षेत्र की संस्कृति और पहचान को दुनिया तक पहुंचाए। यही सोच उन्हें हमेशा हर आयोजन से जोड़ती रही।
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