टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना के बाद फेडरेशन ऑफ सिने एम्प्लॉइज की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिखा गया है। इसमें क्या प्रमुख मांगें रखी गई हैं? फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर मामला कितना गंभीर है?
किसी एक आदमी का भी नाम इस तरह की घटना में आए, तो यह हमारे लिए बहुत गंभीर मुद्दा है। फेडरेशन इस मामले को लेकर काफी चिंतित है। पहले सलमान खान को लेकर तरह-तरह की बातें सुनने को मिलती थीं कि उनके साथ काम करने वाले को गोली मार दी जाएगी या वह उनका दुश्मन बन जाएगा। हम ऐसी बातें सुनते रहे, लेकिन जब टाइगर श्रॉफ के साथ जुड़ी घटना सामने आई, तो मामला और गंभीर हो गया।
टाइगर श्रॉफ अपने काम में लगे हुए हैं। उनका न मीडिया से कोई विवाद है और न किसी तरह के प्रपंच में वह शामिल हैं। इसके बावजूद उन पर गोली चलाई गई। यह सिर्फ डराने का मामला नहीं है, बल्कि किसी की जान लेने की कोशिश जैसा गंभीर मामला है।
फिल्म सिटी और दूसरी जगहों पर जहां शूटिंग होती है, वहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। मेंबर और नॉन-मेंबर, दोनों तरह के लोग काम करते हैं। ऐसे में हमारी सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होती है। हमने प्रोड्यूसरों को भी पत्र लिखकर कहा है कि अगर कोई नॉन-मेंबर बनकर शूटिंग के दौरान भीड़ में शामिल होता है और किसी कलाकार पर गोली चलाता है, तो इसकी जिम्मेदारी प्रोड्यूसर और उस टीम की होगी, जिसने उसे वहां बुलाया है।
हम चाहते हैं कि प्रोड्यूसर उन लोगों के साथ काम करें, जिन्हें वे जानते हैं और जिनकी पहचान सुनिश्चित हो। हमें सुरक्षा चाहिए। हम चाहते हैं कि सरकार फिल्म इंडस्ट्री में भयमुक्त माहौल बनाए। हमने केंद्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने इस पर संज्ञान लिया है। हमें मुंबई पुलिस पर भरोसा है, लेकिन जब तक अपराध जड़ से खत्म नहीं होंगे, हमारी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहेगी।
हम चाहते हैं कि सरकार तत्काल कदम उठाए और फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले हर व्यक्ति को महसूस हो कि वह मुंबई जैसे शहर में सुरक्षित है। मुंबई पुलिस की तारीफ होती है, लेकिन यहां काम करने वाले लोगों को भी सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए, ताकि वे खुली हवा में सांस ले सकें।
रोहित शेट्टी, सलमान खान और टाइगर श्रॉफ
- फोटो : सोशल मीडिया
सलमान खान के घर पर फायरिंग के बाद रोहित शेट्टी से जुड़ा मामला सामने आया और अब टाइगर श्रॉफ का नाम आया है। आपने पहले भी इस मुद्दे पर आवाज उठाई थी। इस बार आपकी मुख्य मांगें क्या हैं?
हमारा सबसे बड़ा मुद्दा यही है कि किसी को डराने के लिए भी फायरिंग करना गलत है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई थी। उसका मकसद डराना हो सकता है, लेकिन किसी पर गोली चलाना सीधे उसकी जान के लिए खतरा है। यह गलत है। उस समय हमने सोचा कि उनकी अपनी कोई बात होगी, लेकिन फिर भी हमने पत्र लिखा था। पुलिस को भी लिखा और मुख्यमंत्री को भी पत्र दिया। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके मामले मीडिया में नहीं आए हैं। अभी हम सुन रहे हैं कि अमिताभ बच्चन जी के बंगले को खतरे से जुड़ा कोई पत्र आया है। कुछ बातें वास्तविक हो सकती हैं, लेकिन कुछ बकवास भी शुरू हो गई है। कोई भी कहीं से पत्र भेजकर दहशत का माहौल बना सकता है।
यह भी कहा जा रहा है कि फिल्म इंडस्ट्री मुंबई से शिफ्ट हो जाएगी और लोग उत्तर प्रदेश चले जाएंगे। हम चाहते हैं कि फिल्म इंडस्ट्री जल्द से जल्द इस डर से बाहर निकले। हमें एक्टिंग करनी है, काम करना है और क्रिएटिव काम करना है। डरकर काम नहीं कर पाएंगे।
हमारे अंदर का डर दूर किया जाना चाहिए। चाहे सरकार करे, पुलिस करे या केंद्र सरकार करे। दोनों जगह भाजपा की सरकार है। उन्हें तुरंत कदम उठाने चाहिए। देरी क्यों हो रही है, मुझे नहीं पता। सरकार अपने तरीके से काम कर रही होगी, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में जो डर बना हुआ है, वह अब भी कायम है।
आपने शूटिंग के दौरान लोगों की पहचान सुनिश्चित करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इस पर संबंधित विभागों की तरफ से क्या जवाब मिला है?
तत्काल कोई जवाब नहीं आता है। यह एक दिन का काम नहीं है। हम स्थायी सुधार की बात कर रहे हैं। आज हमने पत्र दिया है, तो इसमें वक्त लगेगा। संबंधित लोग अपनी यूनियनों और टीमों से बात करेंगे। शूटिंग के लिए कलाकार उपलब्ध कराने वाली यूनियनें, मॉडल कोऑर्डिनेशन का काम करने वाले और भी कई विभाग हैं। इन सभी से बात करनी होगी। सरकार और पुलिस भी इस पर चर्चा करेंगी। पूरी प्रक्रिया तय होने के बाद ही शूटिंग के दौरान लोगों को अनुमति देने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने की व्यवस्था लागू हो पाएगी।
इसमें समय लगता है। यह ऐसा मामला नहीं है कि इंजेक्शन लगाया और सब ठीक हो गया। न सरकार अकेले इसे ठीक कर सकती है और न फिल्म इंडस्ट्री के लोग। इसमें वक्त लगेगा, लेकिन कम से कम प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।