साल 2008 में गई थीं काबुल
एक न्यूज वेबसाइट को दिए अपने इंटरव्यू में सौम्या ने बताया कि वह 2008 में काबुल गई थीं। यह देखना उनके लिए दिल दहला देने वाला है कि कैसे वहां के लोग अपने जीवन के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं। यह हालात काफी परेशान करने वाले हैं। हालांकि, वह उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रही हैं। वह काबुल में रहने के दौरान बने दोस्तों के लिए भी चिंतित हैं।"
इंटरनेशनल प्रोजेक्ट के लिए गई थीं अफगानिस्तान
एक इंटरनेशनल प्रोजेक्ट की शूटिंग के लिए सौम्या वहां गई थीं। इस दौरान वह एक महीने तक काबुल में रुकी थीं। वह बताती हैं कि, "यूनिट में मेरे को-एक्टर और एक क्रू मेंबर समेत दो महिलाएं थीं। उन्होंने मुझे बताया कि यहां रहना महिलाओं के लिए कितना मुश्किल था और किस तरह उन्हें अपनी आजादी के लिए लड़ना पड़ रहा है। यहां के लोग सालों से डर और अनिश्चितता का जीवन जी रहे थे और उनके साथ फिर वहीं हुआ।
खुद को असहाय महसूस कर रही हूं: सौम्या
काबुल में रहने के दौरान सौम्या ने यहां कुछ दोस्त बनाए थे और अब वह उनके बारे में चिंतित है, क्योंकि वह उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं। उन्होंने बताया कि हाल में वहां बने हालातों के बाद मैंने अपने भारतीय दोस्तों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मुझे कोई रिप्लाई नहीं मिला। मैं आशा करती हूं कि वे सुरक्षित होंगे। मैं बस उनसे संपर्क कर यह पूछना चाहती हूं कि क्या वे ठीक हैं? क्योंकि हम जो हालात देख रहे हैं, वे बहुत परेशान करने वाले हैं। मैं खुद को असहाय महसूस कर रही हूं, लेकिन मेरी दुआएं और प्यार उनके साथ है।”