'मैं खुद को सुपरमॉम नहीं मान सकती। डीआईडी सुपर मॉम में ऑडिशंस लेने के बाद मैं सरप्राइज्ड हूं कि कैसे ये हाउसवाइव्स इतने सारे काम कर लेती हैं।'
यह कहना है फेमस कोरियोग्राफर और इस वक्त जी टीवी के डांस रियलिटी शो 'डीआईडी सुपरमॉम्स’ में जज बनीं फराह खान का।
फराह के भी तीन बच्चे हैं, वे खुद बेहतरीन डांसर हैं, लेकिन रियलिटी शो में आई महिलाओं की हिम्मत और हुनर देखकर वे दंग हैं।
शो में उनके साथ ग्रैंड मास्टर के तौर पर मिथुन चक्रवर्ती भी हैं और एक और जज के तौर पर हैं हैंडसम और मजाकिया कोरियोग्राफर मर्जी पेस्टनजी।
डांस शो की नींव कैसे पड़ी, यह कहानी भी बड़ी रोचक है। मिथुन बताते हैं, एक बार बच्चों के डांस रियलिटी शो के दौरान उन्होंने देखा कि बच्चे रिलैक्स थे, लेकिन उनकी मम्मियों की आंखों में घबराहट दिख रही थी।
तब उन्होंने सबसे कहा था कि 'मुझे इन बच्चों के सपने आपकी आंखों में दिख रहे हैं।' मैं कोशिश करूंगा कि इन सपनों को मंच पर ला सकूं। और इस तरह 'डीआईडी सुपरमॉम' का ख्याल बना।
फराह कहती हैं, 'चूंकि मम्मियों के डांस की बात है, इसलिए सलेक्शन के मानक हमने थोड़ा कम किए। लेकिन आने वाले वक्त में, जब सबको बराबर ट्रेनिंग मिलेगी, तो फिर बॉस..कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।'
शो में 18 साल से लेकर 65 साल तक की मम्मियां आईं। ऑडिशन में बेहद मोटी मांएं भी आईं और एकदम फिट माएं भी।
मर्जी बताते हैं, 'कुछ एक फिट नहीं थीं, तो मुझे लगा कि तीस सेकंड में ही फैसला हो जाएगा, लेकिन जब डांस किया, तो मैं दंग रह गया।
छोटे शहरों से गजब का रिस्पांस मिला है। शो जैसे-जैसे आगे जाएगा, आप इन मांओं का हुनर देखते रह जाएंगे।'