सुप्रीम कोर्ट ने मामले को माना गंभीर
एनजीओ ने उठाया संवेदनशीलता का मुद्दा
'क्योर एसएमए फाउंडेशन ऑफ इंडिया' ने कोर्ट से ऑनलाइन कंटेंट के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग की है। एनजीओ का कहना है कि दिव्यांगों, उनकी बीमारियों और उपचार के खिलाफ अपमानजनक और नीचा दिखाने वाला कंटेंट रोकने के लिए सख्त नियम जरूरी हैं। एनजीओ ने स्पष्ट किया कि वह सभी कंटेंट पर रोक नहीं चाहता, बल्कि केवल ऐसे कंटेंट पर अंकुश लगाना चाहता है जो दिव्यांगों का अपमान करती हो।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने असम और महाराष्ट्र पुलिस की ओर से कोर्ट से कहा कि मुंबई में दर्ज एफआईआर में जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन चार्जशीट अभी दाखिल नहीं हुई है। वहीं, गुवाहाटी की एफआईआर में एक सह-आरोपी का बयान दर्ज होना बाकी है। असम पुलिस के वकील ने कहा कि सह-आरोपी अपूर्वा मखीजा को दो बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन वह बयान दर्ज कराने नहीं आईं।
रणवीर अल्लाहबादिया का भी मामला कोर्ट में
इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इन्फ्लुएंसर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया के मामले पर भी चर्चा की। रणवीर के खिलाफ समय रैना के शो में आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए कई एफआईर दर्ज हैं। कोर्ट ने नोट किया कि रणवीर के खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है। अब 28 अप्रैल को उनकी याचिका पर सुनवाई होगी, जिसमें वह अपने पासपोर्ट की वापसी की मांग कर रहे हैं।