बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उच्च न्यायालय का रुख किया है। दरअसल, इस मामले में ईडी ने उनके घर और फार्महाउस को खाली करने का नोटिस भेजा था और अब ईडी के इस नोटिस के खिलाफ शिल्पा और राज ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
कोर्ट ने दिया कार्रवाई नहीं करने का आदेश
पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें अपना घर और फार्महाउस खाली करने का नोटिस भेजा था, क्योंकि जांच एजेंसी ने मुंबई के जुहू इलाके में उनके आवासीय परिसर और पवना झील के पास स्थित फार्महाउस को कथित मामले के सिलसिले में अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था। अब मामले की सुनवाई गुरुवार 10 अक्तूबर को होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को ईडी को अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति, व्यवसायी राज कुंद्रा को भेजे गए बेदखली नोटिस के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया।
इतने करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
27 सितंबर को दंपत्ति को अपनी संपत्ति खाली करने का निर्देश देते हुए बेदखली नोटिस जारी किए गए थे। इस साल की शुरुआत में मुंबई जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत रिपु सूदन कुंद्रा उर्फ राज कुंद्रा की 97.79 करोड़ रुपये की अचल और चल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया था।
कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
ईडी ने महाराष्ट्र पुलिस और दिल्ली पुलिस द्वारा मेसर्स वेरिएबल टेक प्राइवेट लिमिटेड, दिवंगत अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज, विवेक भारद्वाज, सिम्पी भारद्वाज, महेंद्र भारद्वाज और कई एमएलएम एजेंटों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बिटकॉइन के रूप में 10 प्रतिशत प्रति माह रिटर्न के झूठे वादे के साथ भोले-भाले लोगों से बिटकॉइन के रूप में भारी मात्रा में धन (केवल 2017 में 6,600 करोड़ रुपये मूल्य) एकत्र किया था। ईडी की जांच से पता चला है कि राज कुंद्रा को यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म स्थापित करने के लिए गेन बिटकॉइन पोंजी घोटाले के मास्टर माइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन मिले थे।