शाहरुख ने आगे कहा, "मैंने जो कल किया, वह खत्म हो चुका है। जब मेरी फिल्म खत्म हो जाती है, तो मैं दो घंटे स्नान करता हूं। उसके बाद, मैं सफलता या असफलता के बारे में नहीं सोचता। मैं अगली फिल्म पर काम शुरू कर देता हूं।"
दुनियाभर में किंग खान के नाम से मशहूर अभिनेता शाहरुख खान अपनी फिल्मों से दर्शकों के बीच खूब धमाल मचाते हैं। अभिनेता हाल ही में ‘लोकार्नो फिल्म फेस्टिवल’में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यह दिन तब और भी ज्यादा खास बन गया, जब उन्होंने समारोह के आर्टिस्टिक डायरेक्टर जियोना ए नाजारो से बात करते हुए दिग्गज अभिनेता ने आज के युवाओं को खास संदेश भी दिया था।
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किंग खान ने युवाओं को दिया खास संदेश
पिछले साल लगातार तीन फिल्मों "पठान", "जवान" और "डंकी" के साथ पांच साल के अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने वाले अभिनेता ने कहा, "संतुष्टि को बहुत ज्यादा महत्व दिया जाता है। आपको हमेशा खुद से सवाल करते रहना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि आप चिंतित हो जाएं, लेकिन एक क्रिएटिव व्यक्ति के तौर पर आपको हमेशा असंतुष्ट रहना चाहिए, इसलिए मैं कभी संतुष्ट नहीं होता। मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ हासिल किया है। मुझे नहीं लगता कि यह सब खत्म हो चुका है और मैं सफल हूं। मुझे लगता है कि यह सब चलता रहता है। मैं सोचता हूं कि मैं कल कुछ नया कर सकता हूं?
अपनी उपलब्धियों पर आराम न करें: शाहरुख
शाहरुख ने आगे कहा, "मैंने जो कल किया, वह खत्म हो चुका है। जब मेरी फिल्म खत्म हो जाती है, तो मैं दो घंटे स्नान करता हूं। उसके बाद, मैं सफलता या असफलता के बारे में नहीं सोचता। मैं अगली फिल्म पर काम शुरू कर देता हूं। अगर मैं अगली फिल्म पर काम शुरू नहीं कर पाया, तो मुझे लगता है कि मैं थक जाऊंगा और मैं फिल्म खत्म कर दूंगा। मैं सभी युवाओं से कहूंगा कि कृपया अपनी उपलब्धियों पर आराम न करें।"
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सिनेमा पर की बात
शाहरुख ने यह भी कहा, "मेरा सिनेमा दर्शकों के लिए सब कुछ दर्शाता है। इसमें थोड़ी सी खुशी और रंग होना चाहिए। मैं नहीं चाहता कि मेरा सिनेमा एक बयान बनकर रह जाए। मैं चाहता हूं कि यह जीवन की खूबसूरती, अच्छाई और बुराई का प्रमाण हो। इसलिए कभी-कभी यह सही चीजों का प्रमाण होता है।