पांच महीने से मुंबई में रह रहा था आरोपी
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद उसका पता लगाया गया। शुरुआत में पुलिस को अकेले हमलावर का पता लगाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश के झलोकाटी का मूल निवासी फकीर पांच महीने से अधिक समय से मुंबई में रह रहा था, छोटे-मोटे काम कर रहा था और एक हाउसकीपिंग एजेंसी से जुड़ा हुआ था। अधिकारियों ने कहा कि उन्नत तकनीक की मदद लेते हुए पुलिस ने सीसीटीवी में घुसपैठिए की तस्वीर की पहचान की और उसे 9 जनवरी को उपनगरीय अंधेरी में एक क्रॉसिंग पर मोटरसाइकिल पर देखा।
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ऐसे पकड़ा गया आरोपी
जांच में अहम मोड़ तब आया, जब मोटरसाइकिल सवार ने पुलिस को बताया कि वह फकीर का पुराना मालिक था। उन्होंने कहा इस सुराग से पुलिस को संदिग्ध का फोन नंबर प्राप्त करने में मदद मिली, जिसे निगरानी में रखा गया था। शनिवार रात को पुलिस ने वर्ली में सेंचुरी मिल के पास एक फूड स्टॉल पर संदिग्ध द्वारा किए गए डिजिटल भुगतान को ट्रैक किया, जहां उसने बुर्जी पाव (ब्रेड के साथ तले हुए अंडे) और पानी की एक बोतल का ऑर्डर दिया था।
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फिंगरप्रिंट से की जाएगी पहचान
अधिकारियों ने कहा कि इस डिजिटल फुटप्रिंट से पुलिस को ठाणे में उसके स्थान का पता लगाने में मदद मिली और क्षेत्र में और उसके आसपास खोज दल तैनात किए गए। आखिरकार आरोपी को ठाणे के हीरानंदानी एस्टेट में एक लेबर कैंप के पास घने मैंग्रोव क्षेत्र में जमीन पर पड़ा हुआ पाया गया। पूछताछ के दौरान फकीर ने कहा कि वह समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर अपनी छवि देखकर घबरा गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसने दावा किया कि वह बांग्लादेश वापस भागने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने कहा कि चल रही जांच के तहत अपराध स्थल पर डक्ट और वॉशरूम की खिड़की से जमा किए गए उंगलियों के निशान का आरोपियों के उंगलियों के निशान से मिलान किया जाएगा।
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सैफ पर हमले की पूरी कहानी
दरअसल, सैफ अली खान पर बुधवार देर रात उनके बांद्रा स्थित घर पर हमला हुआ। 30 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद ने कथित तौर पर चोरी की कोशिश के दौरान अभिनेता पर चाकू से हमला किया था। उन्हें उनके सात वर्षीय बेटे तैमूर ने अस्पताल पहुंचाया। सैफ का ऑपरेशन करने वाले न्यूरोसर्जन ने बताया कि ओमकारा अभिनेता तैमूर और एक केयरटेकर के साथ ऑटो-रिक्शा में अस्पताल पहुंचे थे। डॉ. नीरज उत्तमानी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "जब सैफ अली खान अस्पताल आए तो मैं उनसे मिलने वाला पहला व्यक्ति था। वह खून से लथपथ थे, लेकिन अपने छोटे बच्चे तैमूर के साथ शेर की तरह चले। सैफ अली खान एक असली हीरो हैं।"