दिग्गज अभिनेता रंजीत बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय खलनायकों में से एक हैं। उनके द्वारा निभाए गए किरदार से लोग घृणा करते थे। जिस तरह से वे अपनी फिल्मों में महिला किरदारों की साड़ियां खींचते और कपड़े फाड़ते नजर आते थे, उसे देखकर आज भी दर्शक गुस्सा से भर जाते हैं।
बॉलीवुड के मशहूर विलेन रंजीत 500 सौ से अधिक फिल्मों काम कर चुके हैं। दर्शकों को आज भी उनके द्वारा बोले गए डायलॉग याद हैं। उन्होंने अपने लम्बे फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी हैं। पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान रंजीत ओटीटी कंटेंट के बारे में बातें करते दिखाई दिए। साथ ही साथ उन्होंने बॉलीवुड में आए बदलाव पर भी अपने विचार जाहिर किए।
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विलेन के लिए नहीं लिखे जाते थे डायलॉग
दिग्गज अभिनेता रंजीत बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय खलनायकों में से एक हैं। उनके द्वारा निभाए गए किरदार से लोग घृणा करते थे। जिस तरह से वे अपनी फिल्मों में महिला किरदारों की साड़ियां खींचते और कपड़े फाड़ते नजर आते थे, उसे देखकर आज भी दर्शक गुस्सा से भर जाते हैं। अभिनेता बीते दिनों को याद करते हुए कहते हैं, 'जब हम फिल्मों के लिए शूटिंग कर रहे होते थे तब हमें अपने डायलॉग के साथ सेट पर आना होता था। उन दिनों विलेन के लिए डायलॉग लिखने का रिवाज नहीं था। मैं अपने डायलॉग दृश्यों के हिसाब से तुरंत सोच लेता था और उन्हें ही बोल देता था।'
रंजीत ने लिखे हैं ये मशहूर डायलॉग
अभिनेता रंजीत अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'मेरे जितने भी डायलॉग मशहूर हुए हैं उन्हें मैंने ही लिखा है। तब सिर्फ हीरो के लिए डायलॉग लिखे जाते थे।' रंजीत अपने संवादों के लिए मशहूर हैं। आज भी उनके डायलॉग, 'काटो जानेमन, जितना कटोगी उतना मेरे करीब आओगी, दूर से तुम काट नहीं सकती हो और 'चिल्लायो जितना चिल्लाना है, तुम्हारी आवाज टकरा कर तुम्हारे पास आएगी तकरा कर तुम्हारे पास आएगी' दर्शकों को याद है।
ओटीटी कंटेट परिवार के साथ नहीं देख सकते
रंजीत हिंदी फिल्मों में विलेन की भूमिका निभाने के लिए मशहूर हैं। एक ऐसा विलेन जो बड़े पर्दे पर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता हैं, लेकिन असल जिंदगी में रंजीत इससे काफी अलग हैं। अपने इंटरव्यू के दौरान रंजीत कहते हैं, 'मैं कोरोना महामारी में केवल दो या तीन वेब शो देख पाया। जिनमें से एक सीरीज भारतीय था और दूसरा ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय शो था। उसके बाद मैंने ओटीटी शो देखना बंद कर दिया। मुझे ओटीटी के कंटेट अश्लीलता और अभद्रता से भरे हुए लगते हैं। इन सीरीज की भाषा भी काफी अभद्र होती है। आप अपने परिवार और स्टाफ के सामने बैठ कर ओटीटी के कार्यक्रमों को नहीं देख सकते हैं।