साउथ के दिग्गज अभिनेता और जियो मामी बोर्ड सदस्य राणा दग्गुबाती का मानना है कि मुंबई फिल्म महोत्सव दक्षिण एशिया के युवा उभरते फिल्म निर्माताओं की आवाज को बुलंद करने में मदद करेगा और अपनी नई दृष्टि के साथ उन पर ध्यान केंद्रित करेगा। जियो मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल पर अपने विचार साझा करते हुए, राणा दग्गुबाती ने कहा, 'कुछ साल पहले तक एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता को दर्शकों तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। आज दुनिया बदल गई है और हमारे पास ऐसे दर्शक वर्ग है जो बेहद विकसित और जागरूक है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से सिनेमा देखने के लिए तैयार है।'
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राणा दग्गुबाती ने आगे कहा, 'हमें विश्वास है कि जीयो मामी मुंबई फिल्म महोत्सव अपनी नई दृष्टि और सोच के साथ उस पुरानी परंपरा को बदलेगा, जो निर्माताओं को दर्शकों को तक पहुंचाने में मदद करेगा और साउथ के किसी भी हिस्से में बैठे एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता को अनुमति देगा। एशिया अपनी प्रतिभा को बड़े पर्दे पर सही दर्शकों के सामने प्रदर्शित करेगा। हम समान विचारधारा वाले फिल्म निर्माताओं को सशक्त बनाने की आकांक्षा रखते हैं।'
बता दें कि जियो मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल का आयोजन मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेज द्वारा किया जाता है और यह 1997 से सर्वश्रेष्ठ समकालीन विश्व सिनेमा और प्रतिभा को मुंबई लेकर आया है। यह सबसे बड़ा दक्षिण एशियाई फिल्म महोत्सव। तीन साल बाद फिल्म फेस्टिवल ऑन-ग्राउंड आयोजित किया जाएगा।