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Raj Kapoor Death Anniversary: नरगिस से राजकुमार तक, ‘किंगमेकर’ राज कपूर ने चमकाया इन सितारों का करियर

Mon, 02 Jun 2025 06:00 AM IST
हिमांशु सोनी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Raj Kapoor: हिंदी फिल्म जगत के इतिहास की सबसे बड़ी शख्सियतों में से एक राज कपूर आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कहकर चले गए थे। उनकी पुण्यतिथि के मौके पर आइए आपको उनसे जुड़ी कुछ बातें बताते हैं। 

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राज कपूर - फोटो : इंस्टाग्राम- @rajkapoorsahab
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विस्तार
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हिंदी सिनेमा के इतिहास की जब-जब बात होती है, उसमें राज कपूर का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। 14 दिसंबर 1924 को जन्मे राज कपूर, भारतीय रंगमंच और फिल्म जगत के दिग्गज पृथ्वीराज कपूर के छह संतानों में सबसे बड़े थे। जब राज कपूर बड़े हो रहे थे, तब उनके पिता मूक फिल्मों के जमाने में एक मशहूर अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान बना चुके थे। राज कपूर ने अपने पिता की विरासत को न सिर्फ आगे बढ़ाया, बल्कि उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

राज कपूर भले ही आज हमारे बीच ना हों, लेकिन उनकी दमदार शख्सियत, हरफन मौला अंदाज आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। 2 जून 1988 के ही दिन ही वो दुनिया छोड़कर चले गए थे। भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता, निर्देशक और ‘शोमैन’ कहे जाने वाले राज कपूर की पुण्यतिथि पर आज पूरा सिनेमा जगत उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 

राज कपूर ने न सिर्फ सिनेमा में अभिनय और निर्देशन की ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि नए चेहरों को सामने लाने और उन्हें सितारा बनाने में भी खास योगदान दिया। उन्होंने कई ऐसे कलाकारों को लॉन्च किया, जिनका नाम आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज है। उनकी फिल्मों में सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि समाज की गहराई, संवेदनशीलता और सोच की परतें भी दिखती थीं। चलिए उन सितारों के बारे में बताते हैं जिन्हें राज कपूर की फिल्मों से अलग ही पहचान मिली।

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राज कपूर - फोटो : सोशल मीडिया

नरगिस
राज कपूर और नर्गिस की जोड़ी ने इंडियन सिनेमा को एक नई दिशा दी। नर्गिस पहले भी फिल्मों में नजर आ चुकी थीं, लेकिन जब उन्होंने ‘आग’ और फिर ‘बरसात’ जैसी फिल्मों में राज कपूर के साथ स्क्रीन शेयर किया, तो वह एक सुपरस्टार बन गईं। दोनों की जोड़ी ऑनस्क्रीन और ऑफस्क्रीन दोनों जगह चर्चाओं में रही और भले ही दोनों कभी एक ना हो पाए हो लेकिन इन दोनों का नाम आज भी एक साथ लिया जाता है।

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डिंपल कपाड़िया 
साल 1973 में जब राज कपूर ने फिल्म 'बॉबी' बनाई, तो उन्होंने एक नए चेहरे को फिल्म इंडस्ट्री से मिलवाया और वो थीं डिंपल कपाड़िया। उनके किरदार की मासूमियत, ताजगी और चुलबुलेपन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। 'बॉबी' ने डिंपल को रातों-रात स्टार बना दिया और वो उस दौर की सबसे युवा और चर्चित अदाकारा बन गईं।

राज कपूर - फोटो : सोशल मीडिया

ऋषि कपूर 
राज कपूर ने अपने बेटे ऋषि कपूर को भी 'बॉबी' के जरिए बॉलीवुड में लॉन्च किया। ऋषि का किरदार एक रोमांटिक युवा का था, जो आज भी क्लासिक कैरेक्टर्स में गिना जाता है। ये फिल्म ऋषि कपूर के लिए करियर की एक शानदार शुरुआत साबित हुई और उन्होंने एक लंबे समय तक रोमांटिक हीरो की छवि को सफलतापूर्वक निभाया।

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मंदाकिनी 
राज कपूर की आखिरी निर्देशित फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' में मंदाकिनी ने अपनी पहचान बनाई। फिल्म में उनका किरदार भावनात्मक, साहसी और बोल्ड था, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच चर्चित कर दिया। इस फिल्म के बाद मंदाकिनी को न सिर्फ इंडस्ट्री में जगह मिली, बल्कि उनका नाम एक चर्चित चेहरा बन गया।

राजेंद्र कुमार 
राज कपूर ने न सिर्फ रिश्तों को निभाया, बल्कि अपने दोस्तों को मौके भी दिए। राजेंद्र कुमार को उन्होंने अपने प्रोजेक्ट्स में कास्ट किया और उनके करियर को एक नई दिशा दी। राज कपूर के साथ काम करने के बाद राजेंद्र कुमार के लिए सफलता के नए दरवाजे खुल गए और वो इंडस्ट्री में ‘जुबली कुमार’ के नाम से मशहूर हो गए।

राजकुमार 
1951 में आई ‘आवारा’ एक ऐसी फिल्म थी जिसने सिर्फ राज कपूर को ही नहीं, बल्कि अभिनेता राजकुमार को भी पहचान दिलाई। इस फिल्म के बाद राजकुमार के लिए इंडस्ट्री में संभावनाओं के नए रास्ते खुले। वो अपने अलग अंदाज और दमदार डायलॉग डिलीवरी के लिए पहचाने जाने लगे।

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पद्मिनी कोल्हापुरे 
राज कपूर ने 1978 में 'सत्यम शिवम सुंदरम' के जरिए पद्मिनी कोल्हापुरे को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया। फिल्म के जरिए उन्होंने दिखाया कि मासूमियत और ग्लैमर दोनों एक साथ कैसे स्क्रीन पर जीवंत किए जा सकते हैं। इस फिल्म के बाद पद्मिनी को इंडस्ट्री में एक सीरियस एक्ट्रेस के तौर पर देखा जाने लगा।

राज कपूर - फोटो : सोशल मीडिया

राज कपूर की बेहतरीन फिल्में 
राज कपूर ने ‘श्री 420’, ‘आवारा’, ‘संगम’, ‘मेरा नाम जोकर’, ‘बॉबी’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ और ‘राम तेरी गंगा मैली’ जैसी फिल्मों के जरिए समाज के अलग-अलग पहलुओं को पर्दे पर उतारा। उन्होंने समाजवादी सोच को भी फिल्मों में शामिल किया और मनोरंजन के साथ-साथ दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया। उनकी फिल्मों में न सिर्फ भावनाएं होती थीं, बल्कि संदेश भी होता था। चाहे गरीब-आम आदमी की बात हो या फिर रिश्तों की जटिलता, राज कपूर हर विषय को गहराई से छूते थे।

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राज कपूर को मिले कई पुरस्कार और सम्मान
राज कपूर को उनके असाधारण योगदान के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार और पद्म भूषण जैसे भारत सरकार के सर्वोच्च फिल्म सम्मान मिले। इसके अलावा मॉस्को फिल्म फेस्टिवल में भी उनकी फिल्मों को सराहा गया।

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राज कपूर और नरगिस - फोटो : IMDb

प्रेम कहानी जो कभी परवान नहीं चढ़ी
राज कपूर और नरगिस की प्रेम कहानी भी बॉलीवुड की सबसे चर्चित कहानियों में से एक रही। दोनों के बीच एक गहरा भावनात्मक रिश्ता था, लेकिन यह रिश्ता मंजिल तक नहीं पहुंच सका। नरगिस ने बाद में सुनील दत्त से शादी कर ली, लेकिन राज कपूर के साथ उनका नाम आज भी जोड़कर लिया जाता है।

राज कपूर सिर्फ एक अभिनेता या निर्देशक नहीं थे, वो एक युग थे, एक सोच थे जो सिनेमा को सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का आईना मानते थे। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करने का मकसद सिर्फ श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उस सोच को फिर से जागृत करना है, जो कला और संवेदना के बीच संतुलन लेकर आती है।

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