प्रियदर्शन इन दिनों अपनी डॉक्यू-सीरीज को लेकर चर्चा में हैं। इसमें राम मंदिर के 500 वर्षों के इतिहास से लोगों को रूबरू कराया जाएगा। निर्देशक का मानना है कि डॉक्यू-सीरीज बनाना फिल्म निर्माण से काफी ज्यादा मुश्किल है। इस सीरीज के लिए उन्होंने 60 दिन तक शूटिंग की है।
देशवासियों के लंबे इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। इस साल 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस दौरान देश के हर राज्य से दिग्गज हस्तियों ने पहुंचकर भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त किया था। साउथ और हिंदी फिल्मों के मशहूर निर्देशक प्रियदर्शन राम मंदिर के इतिहास पर इन दिनों डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं।
500 वर्षों का दिखाया जाएगा इतिहास
इस डॉक्यूमेंट्री पर बात करते हुए उन्होंने बताया, ''मंदिर की देखरेख करने वाले लोगों ने मुझे इसे निर्देशित करने के लिए आमंत्रित किया था। मुझे स्क्रिप्ट बहुत दिलचस्प लगी। इसमें पिछले 500 वर्षों का इतिहास और भगवान राम की जन्मभूमि पर वापसी को लेकर किए गए संघर्ष को दिखाया जाएगा।'' निर्देशक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का प्रसारण भागीदार दूरदर्शन है।
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60 दिन तक चली शूटिंग
निर्देशक ने नवंबर 2023 से इस डॉक्यूमेंट्री के लिए 60 दिन तक शूटिंग की है। इसके लिए उन्होंने जिन लोगों का साक्षात्कार लिया उनमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं। इसे बनाने का अनुभव साझा करते हुए प्रियदर्शन ने कहा, "यह एक फिल्म बनाने से भी अधिक मुश्किल काम था। कुछ ऐसी संवेदनशील चीजें थीं, जिन्हें हमने नहीं छुआ। साथ ही, हमें इतिहास भी बताना था। इसलिए यह मेरी लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।"
प्रियदर्शन को नहीं करना पड़ा शोध
इस डॉक्यू सीरीज के लिए उन्होंने कुछ नाटकीय सीन भी शूट किए हैं। प्रियदर्शन के मुताबिक राम मंदिर से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति जवाहरलाल नेहरू और कलेक्टर केके नायर जैसे दिखने वाले लोगों को ढूंढना मुश्किल था। उन्होंने खुलासा किया कि इस विषय पर उन्होंने अपनी तरफ से शोध नहीं किया, क्योंकि जब उन्हें स्क्रिप्ट मिली तो यह पहले ही हो चुका था।
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