मलयालम फिल्मों के अभिनेता सिद्दीक पर यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। केरल उच्च न्यायालनय द्वारा अग्रिम जमानत से इनकार किए जाने के बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई है। समाचर पत्रों में जारी लुकआउट नोटिस में कहा गया है कि 65 वर्षीय सिद्दीकी यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी मामले में आरोपी हैं। इस वजह से उन्हें लेकर किसी के पास कोई जानकारी है, तो वह पुलिस को इसकी सूचना दें।
सिद्दीक के खिलाफ जारी हुआ लुकआउट नोटिस
नोटिस में कहा गया है कि उनके बारे में यदि किसी के पास कोई जानकारी है, तो वह तिरुवनंतपुरम शहर के पुलिस आयुक्त या तिरुवनंतपुरम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक को इसकी सूचना दें। इनके अलावा सहायक पुलिस आयुक्त, नारकोटिक सेल, तिरुवनंतपुरम या संग्रहालय पुलिस स्टेशन से भी संपर्क किया जा सकता है। जारी किए गए नोटिस में अभिनेता की तस्वीर के साथ-साथ उनका शारीरिक विवरण भी दिया गया है, जिसमें बताया गया है कि वह 5.7 फीट लंबे और मजबूत कद के हैं। गौरतलब है कि केरल उच्च न्यायालय द्वारा 24 सितंबर को उन्हें अग्रिम जमानत को लेकर राहत देने से इनकार कर दिया गया था।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत से कोर्ट का इनकार
इसके बाद सिद्दीक ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उच्च न्यायालय द्वारा कहा गया है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उचित जांच के लिए उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक है। न्यायालय द्वारा आगे कहा गया था कि सिद्दी के तरफ से घटना से पूरी तरह से इनकार कर दिया गया था, जिस वजह से उनका पौरुष परीक्षण अभी नहीं किया जा सका है। इस बात की आशंका जताई गई कि वह गवाहों को डरा सकते हैं या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं, इसलिए उन्हें राहत देने के लिए के लिए यह उपयुक्त मामला नहीं है।
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हेमा समिति के रिपोर्ट में खुलासे के बाद कई लोगों पर दर्ज हुआ है एफआईआर
अभिनेता सिद्दीक पर धारा 376 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने अपने बचाव के लिए याचिका में दावा किया कि ने शिकायतकर्ता महिला अभिनेता ने उन्हें 2019 से उत्पीड़न और झूठे आरोपों के तहत एक अभियान के शिकायत दर्ज कराई है। अपनी अग्रिम जमानत याचिका में उन्होंने आगे दावा किया कि पिछले पांच सालों में उनके द्वारा किए गए कथित यौन दुर्व्यवहार और मौखिक यौन प्रस्ताव के आरोप निराधार और झूठे हैं। बता दें कि सिद्दीकी ने महिला अभिनेता द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स के महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था। न्यायमूर्ति के हेमा समिति की रिपोर्ट में खुलासे के बाद कई निर्देशकों और अभिनेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं।
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