डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर दिन रात परोसे जा रहे कचरे के बीच एक अच्छी सीरीज आई है। पिछले साल रिलीज हुई सौरभ सक्सेना की ये मेरी फैमिली अगर आपको याद हो तो इसे बनाने वाले प्रोडक्शन हाउस टीवीएफ ने ही फिर एक ऐसी फैमिली सजाई है जो आपको बहुत कुछ अपने जैसे ही दिखेगी। इसे चोरी छिपे देखने की भी जरूरत नहीं है। सोनी लिव पर रिलीज हुई सीरीज गुल्लक इस मॉनसून सीजन में बिंज वॉच के लिए सबसे सही डिजिटल कंटेंट है।
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मिश्रा जी की एक फैमिली है। उत्तर भारत में कहीं रहती है। संतोष मिश्रा हैं, उनकी पत्नी शांति हैं और हैं दुई ठौ लड़के अन्नू और अमन। अन्नू सिविल इंजीनियर है, सरकारी नौकरी तलाश रहा है। छोटा वाला अमन अभी पढ़ रहा है। पिताजी बिजली दफ्तर में मुलाजिम हैं और मिश्राइन घर चलाती हैं। हम दो हमारे दो वाला परिवार जिसकी रोजमर्रा की जिंदगी देखते वक्त आपको कभी ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म बावर्ची याद आएगी तो कभी आनंद।
सीरीज में जमील खान को छोड़ कोई नामी चेहरा ना होना ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। हर कलाकार अपने अलग अंदाज में सामने आता है। कहीं किसी को लेकर कोई पूर्वाग्रह नहीं और न ही कोई दुराग्रह। कोई किसी को यहां चेहरे या उसकी आदतों से नहीं पहचानता। यहां पहचान होती है कर्म से।
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वेब सीरीज गुल्लक का सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट है इसका लेखन। निखिल विनय की पहचान इसके पहले मस्त स्टैंड अप कॉमेडी लिखने की रही है। इस सीरीज से उन्होंने अपनी कलम के दूसरे कलर से लोगों को परिचित कराया है। सीरीज की ताकत इसकी एपीसोड दर एपीसोड आपको अपनी पकड़ में लेती कहानियों में है। घर पर ब्रॉडबैंड कनेक्शन हो तो इसे अपने बड़े वाले टीवी पर पूरे परिवार के साथ जरूर देखें।