फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manthan: प्रतिष्ठित कान फिल्म महोत्सव में आज दिखाई जाएगी 'मंथन', स्मिता पाटिल की फिल्म के लिए फैंस उत्साहित

Fri, 17 May 2024 12:02 PM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

1976 में आई निर्देशक श्याम बेनेगल की फिल्म 'मंथन' को आज प्रसिद्ध कान फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा। 
विज्ञापन
फिल्म 'मंथन'- स्मिता पाटिल - फोटो : इंस्टाग्राम@amitabhbachchan
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कल्ट क्लासिक फिल्मों की सूची में शामिल फिल्म 'मंथन' को श्याम बेनेगल ने निर्देशित किया था। 'मंथन' वर्गीस कुरियन के अग्रणी दुग्ध सहकारी आंदोलन से प्रेरित हिंदी फिल्म है। इसकी कहानी को श्याम बेनेगल और विजय तेंदुलकर ने मिलकर लिखा है। बता दें कि 'मंथन' पहली क्राउड फंडेड भारतीय फिल्म है। 77वां कान फिल्म महोत्सव दुनिया भर में भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि आज श्याम बेनेगल की 'मंथन' को इसके क्लासिक सेक्शन में दिखाया जाएगा। इस फिल्म में दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इस खबर से स्मिता पाटिल के फैंस भी बेहद खुश हैं।
विज्ञापन


'मंथन'
'मंथन' कान फिल्म फेस्टिवल के क्लासिक सेक्शन के तहत चयनित होने वाली एकमात्र भारतीय फिल्म है। इस फिल्म में दिवंगत अभिनेत्री स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह, कुलभूषण खरबंदा, मोहन अगाशे और अमरीश पुरी ने अहम भूमिका निभाई थी। 

कैसे बनी थी फिल्म
यह फिल्म पहली क्राउड-फंडेड भारतीय फिल्म थी, जिसे पूरी तरह से 500,000 किसानों द्वारा क्राउडफंड किया गया था, जिन्होंने 2-2 रुपए का योगदान करके इतना फंड इकट्ठा किया गया था। 'मंथन' को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार की ओर से 'बेस्ट फीचर फिल्म' और 'बेस्ट स्क्रिनप्ले' का अवॉर्ड भी मिल चुका है।
विज्ञापन


प्रीमियर में कौन होगा शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कान में फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान नसीरुद्दीन शाह, दिवंगत स्मिता पाटिल का परिवार, फिल्म के निर्माता और फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर शामिल होंगे।

श्याम बेनेगल के दिल के करीब है 'मंथन'
कान में फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर श्याम बेनेगल ने कहा था, ''यह फिल्म मेरे दिल के काफी करीब है क्योंकि इसे 500,000 किसानों ने इसमें फंड किया था और इसने एक असाधारण सहकारी आंदोलन के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसका उद्देश्य आर्थिक असमानता और जातिगत भेदभाव की बेड़ियों को तोड़ना था।'' 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें