मनोज बाजपेयी अपने शुरूआती दिनों को याद करते हुए बोले, 'मैं उन दिनों काम की तलाश भटक रहा था। लगातार थिएटर करने के बावजूद मुझे कोई काम नहीं मिल रहा था और पैसों की कमी तो थी ही।'
अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में, वे वेब सीरीज 'किलर सूप' में नजर आए। इस सीरीज में वे डबल रोल में दिखाई दिए हैं। दर्शकों को उनका यह शो काफी पसंद आ रहा है। अपने शो की सफलता से खुश अभिनेता पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान खुलकर अपने संघर्ष के दिनों को याद करते दिखाई दिए।
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टेलीविजन में काम नहीं करना चाहता था
मनोज बाजपेयी अपने शुरूआती दिनों को याद करते हुए बोले, 'मैं उन दिनों काम की तलाश भटक रहा था। लगातार थिएटर करने के बावजूद मुझे कोई काम नहीं मिल रहा था और पैसों की कमी तो थी ही। उन्हीं दिनों मुझे मुझे सीरियल 'स्वाभिमान' के प्रोडक्शन हाउस से फोन आया था, लेकिन मैं टेलीविजन नहीं करना चाहता था। मुझे लगता था कि अगर मैं टेलीविजन शो करने लग जाऊंगा तो भ्रष्ट हो जाऊंगा।'
महेश भट्ट ने दिखाया भरोसा
'किलर सूप' स्टार अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, 'मैं मुंबई छोड़ कर जाने को तैयार था। मुझ लगने लग गया था कि मैं अच्छा अभिनेता नहीं हूं, लेकिन उन्हीं दिनों महेश भट्ट मुझसे मिले थे। उन्होंने कहा था कि तुम इस शहर को छोड़ कर नहीं जा सकते हो। देखना इस शहर में तुम्हारे सारे सपने पूरे हो जाएंगे। बस खुद पर यकीन रखो। मुझे तुम में नसीरुद्दीन शाह की झलक दिखाई देती है।'
स्वाभिमान के लिए शुक्रगुजार
बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपने करियर की शुरुआत सीरियल 'स्वाभिमान' से की थी। मनोज कहते हैं, 'मैं 'स्वाभिमान' में काम नहीं करना चाहता था, लेकिन मेरा एक दोस्त मुझे जबर्दस्ती 'स्वाभिमान' के प्रोडक्शन हाउस में लेकर गया और बोला मनोज काम करने को तैयार है। आज जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि 'स्वाभिमान' ने मेरी फिल्म 'सत्या' के लिए कायर्शाला का काम किया है। मैं इस सीरियल के लिए महेश भट्ट का शुक्रगुजार हूं।'