हेमा समिति की रिपोर्ट का किया स्वागत
ममूटी ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, 'मैं हेमा समिति की रिपोर्ट में बताई गई सिफारिशों और समाधानों का तहे दिल से स्वागत और समर्थन करता हूं। अब समय आ गया है कि फिल्म उद्योग के सभी संगठन हाथ मिलाएं और उन्हें लागू करें। जो शिकायतें सामने आई हैं, उन पर पुलिस जांच आगे बढ़ रही है।' हेमा समिति की रिपोर्ट मलयालम फिल्म उद्योग में बड़े पैमाने पर यौन उत्पीड़न के मामलों को सामने लाई और इस बात को भी उजागर किया कि किस तरह उद्योग में शक्तिशाली पदों पर बैठे लोगों ने लगातार महिला कलाकारों और तकनीशियनों को परेशान किया।
सिनेमा कोई पावरहाउस नहीं
ममूटी ने आगे लिखा, 'न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट का पूरा संस्करण अदालत के समक्ष है। पुलिस को ईमानदारी से जांच करने दें। अदालत को सजा तय करने दें। सिनेमा में कोई पावरहाउस नहीं है। सिनेमा कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है, जहां ऐसी चीजें मौजूद हो सकती हैं। अगर कोई कानूनी बाधाएं हैं तो हेमा समिति की रिपोर्ट की व्यावहारिक सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए। आखिरकार, सिनेमा को जीवित रहना चाहिए।'