अभिनेत्री और फिल्ममेकर कोंकणा सेन शर्मा इन दिनों अपने नए शो 'सर्च: द नैना मर्डर केस' को लेकर चर्चा में हैं। यह सीरीज मशहूर डेनिश शो 'द किलिंग' का भारतीय रूपांतरण है, जिसने इंटरनेशनल लेवल पर खूब सराहना पाई थी। इस हिंदी एडाप्टेशन का निर्देशन रोहन सिप्पी ने किया है। अमर उजाला से बातचीत में कोंकणा ने इस प्रोजेक्ट, अपने अनुभवों और निजी विचारों पर खुलकर बात की।
'बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, बहुत बड़ी चुनौती निभाने जैसा'
जब उनसे पूछा गया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट के लिए अप्रोच किए जाने पर पहला रिएक्शन क्या था, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह बहुत उत्साहित थीं। एक्ट्रेस बोलीं- 'आप कोई भी ओरिजनल सीरीज तभी करना चाहेंगे जब उसका स्क्रिप्ट और कहानी वाकई में अच्छी हो, वरना क्या फायदा। यह बहुत पुराने और फेमस शो का अडॉप्टेशन है। मैंने इसका अमेरिकन वर्ज़न भी देखा है, जिसके बहुत सारे प्रशंसक हैं। उस शो की जो डिटेक्टिव है, उसके तो लाखों फॉलोअर हैं। मुझे लगा कि यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, बहुत बड़ी चुनौती निभाने जैसा। मैं बहुत भाग्यशाली महसूस कर रही थी कि मुझे इसका हिस्सा बनने का मौका मिला।'
कोंकणा सेन शर्मा
- फोटो : इंस्टाग्राम @konkona
'रोहन सिप्पी कलाकारों के साथ बहुत सहयोगी रहते हैं'
कोंकणा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का सबसे अच्छा हिस्सा यह था कि इसे रोहन सिप्पी डायरेक्ट कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा, 'रोहन के साथ मैंने बहुत साल पहले काम किया था। वह बहुत रिलैक्स्ड और क्रिएटिव डायरेक्टर हैं। वह वैसे निर्माता नहीं हैं जो दूरी बना लें, बल्कि कलाकारों के साथ बहुत सहयोगी रहते हैं। हमने पहले भी साथ में कई अजीबो-गरीब और मजेदार चीजें की हैं। इसलिए जब उन्होंने इस बार मुझे एक गहरी, सोचने वाली, मूडी डिटेक्टिव के रूप में कास्ट किया, तो मैं बहुत खुश हुई। मैंने पहले कभी पुलिस का किरदार नहीं निभाया था, इसलिए मेरे लिए यह बिल्कुल नया और रोमांचक अनुभव था।'
'रियल लाइफ में भी थोड़ा वैसा ही बर्ताव करने लगती हूं'
शूटिंग के अनुभवों पर बात करते हुए कोंकणा ने बताया कि इस शो के दौरान उन्होंने अपने किरदार से बहुत कुछ सीखा। इस बारे में उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि मुझमें और इस किरदार में कई समानताएं हैं। मैं जब भी कोई किरदार निभाती हूं, तो उसमें अपने अंदर से कुछ न कुछ खोज लेती हूं। शायद मैं नैचुरली ऐसी ही हूं और फिर रियल लाइफ में भी थोड़ा वैसा ही बर्ताव करने लगती हूं।'
वह हंसते हुए कहती हैं, 'इस सीरीज की खासियत ही इसका तनाव और कैमरे के सामने की बारीक केमिस्ट्री है। यही चीज़ ओरिजनल में भी बहुत खास थी।' उन्होंने अपने सह-कलाकार सूर्या शर्मा की भी खूब तारीफ की। 'सूर्या के साथ काम करना बहुत प्यारा अनुभव था। वह न केवल बेहतरीन अभिनेता हैं, बल्कि बहुत अच्छे इंसान भी हैं।'
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कोंकणा सेन शर्मा
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'सख्त मम्मी-पापा के बच्चे झूठ बोलना सीख जाते हैं, लेकिन मेरे पैरेंट्स वैसे नहीं थे'
कहानी में एक लाइन है, 'जिनके पैरेंट्स बहुत सख़्त होते हैं, उनके बच्चे झूठ बोलना सीख जाते हैं।' जब यह लाइन उन्हें सुनाई गई, तो कोंकणा ने तुरंत कहा, 'यह बिल्कुल सही बात है। सख़्त मम्मी-पापा के बच्चे झूठ बोलना सीख जाते हैं, लेकिन मेरे पैरेंट्स वैसे नहीं थे। मेरे पैरेंट्स सख़्त नहीं थे, हां, उनके मानक बहुत ऊंचे थे। कभी-कभी मैं उन्हें निराश भी करती थी, लेकिन वे ऐसे नहीं थे कि मुझे उनसे झूठ बोलना पड़े। मैं उनसे खुलकर सब कुछ कह सकती थी। उन्होंने मुझे हमेशा एक अलग व्यक्ति के रूप में ट्रीट किया। उन्होंने मुझे अपनी पहचान दी, अपनी सोच दी, जो हर बच्चे को नहीं मिलती।'
'मुझे नहीं लगता कि सख्त होकर बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपने बेटे के साथ सख़्त होती हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'देखिए, मैं तो अपने पैरेंट्स की विरासत को ही आगे बढ़ा रही हूं। मेरा बेटा पहले ही बोल चुका है कि मम्मा, आप अपने काम के बारे में बात करो, मेरे बारे में नहीं। तो मैं उसकी बात का सम्मान करती हूं। मुझे नहीं लगता कि सख़्त होकर बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। जरूरी यह है कि एक सच्चा संबंध हो, दया हो, समझ हो और यह जानना कि हर इंसान के लिए क्या चीज अहम है। बस वही मायने रखता है।'
कोंकणा सेन शर्मा
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'कॉमेडी और क्राइम का मिश्रण मेरा पसंदीदा जॉनर है'
कोंकणा कई अलग-अलग शैलियों में काम कर चुकी हैं जैसे ड्रामा, क्राइम, कॉमेडी और स्वतंत्र सिनेमा। जब उनसे पूछा गया कि बतौर दर्शक वह किस तरह की कहानियां देखना पसंद करती हैं, तो उन्होंने कहा, 'मेरा कोई तयशुदा जॉनर नहीं है। कोई भी फिल्म या शो अगर अच्छा बना हो, तो मैं देख सकती हूं। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि वह कॉमेडी है या क्राइम। हां, हॉरर या अलौकिक चीजों से मुझे थोड़ा डर लगता है। पैरानॉर्मल एक्टिविटी जैसी फिल्में मैं कभी-कभी देखने से बचती हूं। वरना मुझे कॉमेडी भी बहुत पसंद है और क्राइम भी। शायद मैं कहूं कि कॉमेडी और क्राइम का मिश्रण मेरा पसंदीदा जॉनर है।'
'मेरे लिए बस अच्छा होना जरूरी है'
अंतरराष्ट्रीय शो को लेकर उन्होंने कहा कि वह कभी-कभी देखती हैं, लेकिन बहुत अधिक नहीं। 'मैं बहुत ज्यादा कंटेंट नहीं देखती। अगर सुनती हूं कि कोई शो या फिल्म बहुत अच्छी है, तो जरूर देखती हूं, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय। मेरे लिए बस अच्छा होना जरूरी है।'
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कोंकणा सेन शर्मा
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'मैं खुद को ही अपनी पहली दर्शक मानती हूं'
प्रोजेक्ट चुनते समय दर्शकों की पसंद पर ध्यान देने के सवाल पर कोंकणा ने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं पता कि दर्शक क्या चाहते हैं। इसलिए मैं खुद को ही अपनी पहली दर्शक मानती हूं। जब मैं कोई काम करती हूं, लिखती हूं या अभिनय करती हूं, तो खुद से पूछती हूं, क्या मुझे ये पसंद है। अगर मुझे खुद अच्छा लगा, अगर उसमें कुछ सार दिखा, तो फिर बाकी सब ऊपरवाले पर छोड़ देती हूं। अगर मुझे अच्छा लगेगा, तो शायद दूसरों को भी लगेगा।'
'मैं हकीकत समझने वाली अभिनेत्री हूं और बजट में फिट हो जाती हूं'
बॉक्स ऑफिस और बिज़नेस पहलू पर उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं ज्यादा रचनात्मक चीजों में दिलचस्पी रखती हूं। वैसे भी मैं बड़े बजट की फिल्मों में ज्यादा नहीं होती, तो पैसे या रिकवरी की चिंता नहीं रहती। मैं असल (हकीकत समझने वाली) अभिनेत्री हूं और बजट में फिट हो जाती हूं।' वह हंसते हुए जोड़ती हैं, 'निर्माता जब मुझे लेते हैं, तो वे पहले ही अपना शोध कर चुके होते हैं। मैं उस हिस्से में दखल नहीं देती क्योंकि सच कहूं तो वह मेरा क्षेत्र नहीं है।'
कोंकणा सेन शर्मा
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'मैं तो वैसे भी एक दुर्घटनावश अभिनेत्री हूं'
जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी लगा कि वह फिल्म इंडस्ट्री में फिट नहीं बैठतीं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'कभी नहीं। मैं तो वैसे भी एक दुर्घटनावश अभिनेत्री हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्ट्रेस बनूंगी। शुरू में बस सोचा था कि ये कर लेते हैं, फिर कोई नौकरी मिल जाएगी। धीरे-धीरे दस साल बीत गए और मैंने महसूस किया कि अच्छा, मैं तो एक्ट्रेस बन गई। डर कभी नहीं लगा। मैंने अपना रास्ता खुद बनाया और आगे बढ़ गई।'
'कॉमेडी बहुत पसंद है, देखना भी और डायरेक्ट करना भी'
आखिर में, जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सचमुच एक कॉमेडी सीरीज डायरेक्ट कर रही हैं, तो उन्होंने मुस्कुराकर कहा, 'हां, सही सुना आपने। मुझे कॉमेडी बहुत पसंद है, देखना भी और डायरेक्ट करना भी। लेकिन यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए ज्यादा कुछ नहीं बता सकती। बस यही उम्मीद करती हूं कि सब अच्छा चले।'
'मैं मां की नकल नहीं बनना चाहती, बस उनसे प्रेरणा लेती हूं'
अपनी मां अपर्णा सेन की विरासत को लेकर कोंकणा का जवाब दिल छू लेने वाला था। उन्होंने कहा, 'ओह, यह सवाल तो बहुत बार पूछा जाता है। मुझे बहुत गर्व होता है जब लोग कहते हैं कि मैं अपनी मां जैसी लगती हूं। लेकिन हमारी यात्राएं बहुत अलग हैं, अलग समय और अलग सोच की। मैं उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक हूं और उनकी बेटी होने पर मुझे बहुत गर्व है। लेकिन मैं उनकी नकल नहीं बनना चाहती, बस उनसे प्रेरणा लेती हूं।'
मेट्रो इन दिनों था आखिरी प्रोजेक्ट
बता दें इससे पहले कोंकण सेन शर्मा आखिरी प्रोजेक्ट 'मेट्रो इन दिनों' में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके साथ पंकज त्रिपाठी, आदित्य रॉय कपूर, सारा अली खान, अली जफर, सान्या मल्होत्रा जैसे कलाकार मौजूद थे।