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जानिए क्यों चर्चा में आ गईं ब्रिटनी स्पीयर्स, ये है पूरा मामला

Tue, 14 Jul 2020 09:04 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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ब्रिटनी स्पीयर्स - फोटो : सोशल मीडिया
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अमेरिकन सिंगर ब्रिटनी स्पीयर्स (Britney Spears) के न सिर्फ अमेरिका में बल्कि पूरी दुनिया में फैन हैं। ब्रिटनी के गानों से लेकर उनकी तस्वीरों तक को वायरल होने में वक्त नहीं लगता है। वहीं उनके सोशल मीडिया पोस्ट को भी फैंस खूब पसंद करते हैं। लेकिन कुछ दिन पहले किया गया ब्रिटनी का एक पोस्ट चर्चा में आ गया और सोशल मीडिया पर सेव ब्रिटनी (#SaveBritney) और फ्री ब्रिटनी (#FreeBritney) ट्रेंड करने लगा।

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दरअसल ये पूरा मामला शुरू होता है ब्रिटनी के एक इंस्टाग्राम पोस्ट से। नौ जुलाई को ब्रिटनी ने एक इंस्टग्राम पोस्ट किया। पोस्ट की तस्वीर में एक गुलाब का फूल और चिट्ठी नजर आ रहे हैं। तस्वीर के साथ कैप्शन में ब्रिटनी ने लिखा- 'उसके बालों में फूल था और आंखों में जादूई राज।' 
 

बता दें कि ये करीब दो दशक पहले आई अरुंधति रॉय की किताब 'द गॉड स्मॉल थिंग्स' की एक पंक्ति है। ये वही किताब है, जो उस वक्त तुरंत हिट हो गई थी और 1997 में इसकी वजह से अरुंधति ने मैन बुकर प्राइज जीता था। यह जुड़वां बच्चों के बचपन के अनुभवों की कहानी है जिनके जीवन लव लॉज द्वारा नष्ट हो जाते हैं। लव लॉज का मतलब प्यार के खिलाफ बनाए गए सामाजिक कानून , जिसका निर्माता समाज स्वयं होता है। समाज में व्याप्त ऊंच नीच, जाति प्रथा एवं अमीर गरीब जैसी बुराइयां कुरीतियां कैसे दो प्यार करने वाले बच्चों का जीवन नष्ट कर देते हैं। अरुंधति रॉय ने अपने इस उपन्यास में निर्दयी समाज का बहुत ही सजीव चित्रण किया है।
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ब्रिटनी स्पीयर्स - फोटो : सोशल मीडिया
ब्रिटनी के इस इंस्टाग्राम पोस्ट से उनके फैंस को ऐसा लगा कि सिंगर उन सभी से मदद मांग रही हैं। इसके बाद न सिर्फ उनसे इंस्टाग्राम पोस्ट पर फैंस अपनी चिंता जाहिर करने लगे बल्कि साथ ही साथ वो सोशल मीडिया पर #SaveBritney और #FreeBritney के साथ सोशल मीडिया पोस्ट भी करने लगे। इसके साथ ही शुरू हुआ कंजरवेटरशिप (कानूनी तौर पर संरक्षकता) के खिलाफ पिटिशन का सिलसिला। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब एक लाख चौतीस हजार लोग इस पिटिशन को साइन कर चुके हैं, ताकि ब्रिटनी को कंजरवेटरशिप से आजादी मिल सके।

बता दें कि कंजरवेटरशिप, अमेरिका में संरक्षकता की एक कानूनी अवधारणा है, जहां कोर्ट के द्वारा प्रतिनिधियों का चुनाव होता है, उस शख्स के लिए जो मानसिक या शारीरिक रूप से खुद की देखभाल करने में असमर्थ हैं। यह आमतौर पर बुजुर्ग लोगों के लिए किया जाता है या फिर मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित लोगों के लिए जो सिज़ोफ्रेनिया जैसी बीमारी से जूझ रहे हो।

ऐसे में ब्रिटनी के मामले में उनकी वित्तीय संपत्ति से लेकर अन्य कोई भी फैसला सिंगर के पिता जेमी स्पीयर्स और एक वकील करते हैं। डाइट प्राडा की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटनी हर साल एक मिलियन डॉलर से अधिक कंजरवेटरशिप की फीस देती हैं। इसके साथ ही करीब एक लाख डॉलर वो अपने पिता को सैलरी के रूप में देती हैं। चूंकि वो खुद अपनी संपत्ति का अपने हिसाब से इस्तेमाल तक नहीं कर सकती तो ब्रिटनी को हर हफ्ते सिर्फ 1500 डॉलर मिलते हैं सभी खर्चों के लिए। वहीं रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्रिटनी की संपत्ति 250 मिलियन डॉलर्स से भी अधिक की है।
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ब्रिटनी स्पीयर्स - फोटो : सोशल मीडिया
गौरतलब है कि 2007 में ब्रिटनी पति केविन से अलग होने के बाद टूट गई थीं। यहां तक कि उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था। उसके बाद से ही ब्रिटनी कंजरवेटरशिप में हैं। हालांकि पहले ये अस्थायी थी लेकिन उस वर्ष के अंत तक यह व्यवस्था स्थायी कर दी गई थी। याद दिला दें कि इससे पहले ब्रिटनी और कंजरवेटरशिप को लेकर अलग अलग खबरें आ चुकी हैं। लेकिन तब ब्रिटनी ने सामने आकर इन्हें खारिज कर दिया। वहीं फैंस का कहना है कि ब्रिटनी से ऐसा करवाया जाता है।

बता दें कि ब्रिटनी स्पीयर्स का पूरा नाम ब्रिटनी जीन स्पीयर्स है। मिसिसिपी में जन्मी ब्रिटनी सबसे पहले 1992 में 'स्टार सर्च' प्रोग्राम में एक कंटेस्टेंट के तौर पर नेशनल टीवी पर नजर आई थी। इसके बाद ब्रिटनी ने 1993 से 1994 तक डिजनी चैनल की टीवी सीरीज 'द न्यू मिकी माउस क्लब' में जलवा बिखेरा। याद दिला दें कि 1999 में ब्रिटनी ने अपना पहला एलबम 'बेबी वन मोर टाइम' को रिलीज किया। इसके बाद साल 2000 में दूसरे एलबम 'ऊप्स!... आइ डिड इट अगेन' से खूब फेम मिला और इसके बाद वह धीरे-धीरे पूरे दुनिया में 'पॉप आइकॉन' के रूप में छा गईं।

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