बंगाली फिल्म निर्माता अरिंदम सिल पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। एक अभिनेत्री की शिकायत के बाद निर्माता को डायरेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया (डीएईआई) ने निलंबित कर दिया है। अरिंदर सिल बंगाली फिल्म इंडस्ट्री का ऐसा पहला बड़ा नाम हैं, जिसके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद कार्रवाई की गई है। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में कई अभिनेत्रियों ने चर्चित निर्माता-निर्देशकों और अभिनेताओं पर यौन शोषण के आरोप लगाए। '#मीटू' की इस मुहिम ने जहां साउथ इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया, वहीं अब बंगाली सिनेमा में भी यह मामला आया है।
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तत्काल प्रभाव से हुआ एक्शन
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, डीएईआई द्वारा शनिवार देर रात भेजे गए पत्र में कहा गया कि निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। डीएईआई के अध्यक्ष सुब्रत सेन और सचिव सुदेशना रॉय द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है, टआपके खिलाफ लगाए गए कुछ आरोपों और हमारे पास मौजूद प्रथम दृष्टया साक्ष्यों के कारण डीएईआई ने आपको अनिश्चित काल के लिए या आपके खिलाफ आरोपों के स्पष्ट होने तक सदस्यता से निलंबित करने का निर्णय लिया है'। पत्र में कहा गया है, 'आपके पर लगे आरोप और प्रथम दृष्टया साक्ष्य गहरी चिंता का विषय हैं और पूरे संगठन को बदनाम कर रहे हैं'।
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अरिंदम सिल ने किया यह दावा
अरिंदम सिल, मशहूर अभिनेता भी हैं। उन्होंने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जिसे दुर्व्यवहार माना जा रहा है, वह अनजाने में हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है वह हाल ही में उस समय हुई जब वह एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री को एक दृश्य समझा रहे थे। उन्होंने दावा किया, 'उस समय किसी ने भी मेरे कार्यों या आचरण पर आपत्ति नहीं जताई'। अभिनेत्री द्वारा पश्चिम बंगाल महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद डीएईआई ने यह मामला उठाया।
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सभी पक्षों पर किया गया विचार
इसके बाद डीएईआई ने निर्माता से स्पष्टीकरण मांगा और उन्होंने एक पत्र लिखकर 'माफी मांगी'। सिल ने दावा किया कि फिल्म में काम करने वाले और घटना के समय मौजूद सभी लोग इस बात की गवाही देंगे कि उनका कार्य 'अनजाने में' हुआ था। डीएईआई के सचिव सुदेशना रॉय ने कहा कि डीएईआई ने सभी पक्षों से बात करने के बाद मामले पर विचार किया है।