बीते जमाने की भारतीय फिल्मों के पोस्टरों की वास्तविक कलाकारी और पुरानी फोटो प्रिंट की नीलामी नौ फरवरी को की जा रही है। बीते समय की उत्कृष्ट मूक फिल्म 'शीराज' (1928) और दादा साहेब फाल्के निर्मित पहली और अंतिम बोलती फिल्म 'गंगावतारण' (1937) भी नीलामी में शामिल हैं। राजधानी दिल्ली के इम्पीरियल होटल में आयोजित ओसियान की नीलामी के उद्धाटन कार्यक्रम ओसियानामा में पुरानी फिल्मों के अदभुत अवशेषों का संयोजन, आधुनिक और समकालीन ललित कला और पुरानी फिल्मों की प्रचार सामग्रियों की नीलामी की जाएगी।
ओसियान समूह के अध्यक्ष नेविल तुली के बयान के अनुसार, "यह जरूरी है कि भारत के लोग, सिनेमा दर्शक और फिल्म निर्माता भारतीय फिल्मों की संस्कृति और अनुशासन को परत दर परत देखना शुरू करें और समझें। इस तरह भारतीय फिल्मों की संस्कृति और आर्थिक इतिहास के बारे में हमारी समझ बढ़ेगी। नीलामी में शामिल फिल्म सामग्रियों में हिमांशु राय की फिल्म 'शीराज' के पोस्टर, फिल्म के दृश्य, मूक फिल्मों के दौर की नायिका सुलोचना की पोर्ट्रेट और कमाल अमरोही की फिल्म 'रजिया सुल्तान' की कलाकारी शामिल है।
इनके अलावा अस्सी के दशक की अमिताभ और शशि कपूर की फिल्म 'दो और दो पांच' का पोस्टर और प्रसिद्ध डिजायनर प्रद्युमन द्वारा निर्मित शम्मी कपूर की फिल्म 'रात के राही' का पोस्टर भी नीलामी में शामिल होगा। पंडित रवि शंकर की हिंदी फिल्मों 'अनुराध' 'गोदान' 'पाथेर पांचाली' 'मीरा' और 'गांधी' में दिए संगीत के रिकार्ड की भी नीलाम किए जाएंगे।