विवेक अग्निहोत्री ने क्यों मांगी माफी?
दरअसल, विवेक अग्निहोत्री ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में नजरबंद सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को रिहा करने से संबंधित तत्कालीन न्यायमूर्ति और वर्तमान ओडिशा मुख्य न्यायाधीश एस मुरलीधर पर टिप्पणी कर दी थी। फिल्म निर्देशक ने इस मामले में न्यायाधीश एस मुरलीधर के आदेश के बाद उनपर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। इसी को लेकर फिल्म मेकर ने बीते दिन अदालत के सामने पेश होकर बिना शर्त माफी मांगी। मामले का संज्ञान लेकर कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।
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राहत मिलने पर डायरेक्टर ने किया पोस्ट
विवेक अग्निहोत्री ट्वीट कर मीडिया के दोहरे रवैये पर भड़कते नजर आए हैं। डायरेक्टर ने अपने ट्वीट में लिखा है, 'आपराधिक अवमानना मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में कल के केस पर मेरा बयान। जिस तरह से कुछ पक्षपाती मीडिया और राजनीतिक दलों द्वारा मेरे खिलाफ खबर पेश की गई वो पूरी तरह से गलत है।'
विवादित ट्वीट को लेकर विवेक का बयान
विवेक ने इस ट्वीट के साथ दो पन्नों का एक बयान भी जारी किया। इसमें निर्देशक ने अवमानना केस की पूरी कहानी बताई है। विवेक ने अपने बयान में बताया कि उन्होंने साल 2018 में उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मुरलीधर के खिलाफ पोस्ट साझा किया था लेकिन कोर्ट की नोटिस के बाद उन्होंने ओरिजिनल पोस्ट को हटा लिया और माफी भी मांग ली। डायरेक्टर ने कहा कि इस तरह उन्हें पूरे मामले में पीछे हटना पड़ा और 10 अप्रैल को उन्होंने कोर्ट में जाकर बिना शर्त माफी मांग ली। इसके बाद कोर्ट ने भी विवेक की बात सुनकर मामले को रद्द कर दिया।
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