फिल्मकार विशाल भारद्वाज को उम्मीद है कि उनकी रोमांचक फिल्म 'एक थी डायन' को सेंसर बोर्ड से वयस्क प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा। यदि ऐसा होता है तो इस फिल्म को बच्चे भी देख पाएंगे।
भारद्वाज व एकता कपूर ने संयुक्त रूप से फिल्म का निर्माण किया है। 47 वर्षीय भारद्वाज ने यहां एक साक्षात्कार में कहा, "हमें फिल्म को यू/ए प्रमाणपत्र मिलने की उम्मीद है क्योंकि फिल्म में बच्चों की बड़ी भूमिका है।
फिल्म में बच्चे हीरो हैं। इमरान की बचपन की भूमिका निभाने वाले बाल कलाकार ने महत्वपूर्ण अभिनय किया है।"
उन्होंने कहा, "फिल्म का ज्यादातर हिस्सा हमारी लोक कथाओं से लिया गया है इसलिए बच्चे इसे पसंद करेंगे। इसमें केवल रक्तपात ही नहीं है।"
कानन अय्यर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में इमरान हाशमी, हुमा कुरैशी, कोंकणा सेन शर्मा व कल्कि कोचलिन ने अभिनय किया है। फिल्म 19 अप्रैल को प्रदर्शित होगी।
कोंकणा के पिता मुकुल शर्मा की कहानी पर आधारित इस फिल्म की पटकथा भी भारद्वाज ने ही लिखी है। वैसे वह अच्छे लेखकों का स्वागत करना पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारे उद्योग में अच्छे लेखकों की कमी है और जब कुछ लेखक आते हैं तो वे निर्देशक बन जाते हैं और फिर कमी पैदा हो जाती है। इसलिए मुझे लगता है कि उद्योग में बहुत से निर्देशक हों।"
भारद्वाज ने 'कमीने' व 'इश्किया' की भी पटकथा लिखी थी। उन्होंने अपने निर्देशन में बनी 'मटरू की बिजली का मन्डोला' और आने वाली फिल्म 'डेढ़ इश्किया' की भी पटकथा लिखी है।