देश की हर गली, हर गांव और हर कस्बे में कोई न कोई हर पल एक आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखता रहता है। विधु विनोद चोपड़ा की नई फिल्म इन्हीं छात्रों के बारे में है। ‘परिंदा’, ‘1942: ए लव स्टोरी’ और ‘मिशन कश्मीर’ जैसी फिल्में निर्देशित कर चुके विधु ने बतौर निर्माता ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस‘, ‘लगे रहो मुन्नाभाई’, ‘थ्री इडियट्स’ और ‘पीके’ जैसी शानदार फिल्में भी बनाई हैं। अब वह एक उपन्यास से प्रेरित होकर अपनी नई फिल्म बना रहे हैं।
अनुराग पाठक के उपन्यास '12वीं फेल' पर इसी नाम की फिल्म बना रहे विधु विनोद चोपड़ा अपनी इस फिल्म को लेकर इन दिनों काफी उत्साहित हैं। ये फिल्म आईपीएस अधिकारी मनोज कुमार शर्मा और आईआरएस अधिकारी श्रद्धा जोशी की वास्तविक जीवन की कहानी से प्रेरित है। '12वीं फेल' बायोग्राफी नहीं है बल्कि ये इन दोनों अफसरों की इस प्रेरणा पर आधारित है कि आधी आधी दो आबादियों मिलकर कैसे पूरी आबादी की सोच बदल सकती हैं।
आगरा के आसपास फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद विधु विनोद चोपड़ा '12वीं फेल' की टीम के साथ दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंच चुके हैं। दिल्ली का ये वही इलाका है जहां देश भर के युवा आकर यूपीएससी की तैयारी करते रहते हैं। विधु कहते हैं, ‘अगर एक ईमानदार व्यक्ति सत्ता की पोजीशन में है, तो दुनिया वास्तव में बदल सकती है। अगर यह फिल्म कुछ और अधिकारियों को ईमानदारी के लिए व कुछ और छात्रों को अपनी कोशिशों में बेहतर करने के लिए प्रेरित कर सकती है तो मैं समझूंगा कि मैं अपने प्रयास में सफल रहा।’
अभिनेता विक्रांत मैसी फिल्म में मुख्य किरदार निभा रहे हैं। वह कहते हैं, ‘यह हमारे समय की ट्रेजडी है कि सच्चाई और ईमानदारी दुर्लभ है। यह फिल्म सपने देखने वाले सभी छात्रों, उन सभी ईमानदार अधिकारियों के प्रति समर्पित है जो हमारे देश और संविधान की रीढ़ हैं। विधु विनोद चोपड़ा के साथ काम करना एक सपने के सच होने जैसा है और एक बहुत बड़ी चुनौती है क्योंकि वह बेहद अच्छे निर्देशक हैं।’