100 करोड़ हर्जाने की मांग
दरअसल, इस मामले से जुड़े वकील संतोष दुबे का कहना था कि अगर जावेद अख्तर ‘बिना शर्त लिखित माफी’ मांगने और नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर जवाब देने में विफल हुए तो वह अख्तर से 100 करोड़ रुपये हर्जाने के रूप में मांगते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराएंगे। वकील का दावा था कि इस तरह की बयानबाजी करके जावेद अख्तर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत अपराध किया है।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान 76 वर्षीय लेखक और कवि जावेद अख्तर ने आरएसएस का नाम लिए बिना ही कहा था, 'तालिबान एक इस्लामी देश चाहता है और ये लोग हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।' इससे पहले जब जावेद अख्तर ने आरएसएस को लेकर टिप्पणी की थी, तब एक वकील ने लीगल नोटिस भेजकर उनसे माफी मांगने के लिए कहा था।