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Sushant Singh Rajput: सुशांत पर फिल्मों और किताबों के खिलाफ परिवार, दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की नई अपील

Thu, 17 Aug 2023 03:12 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने दाखिल अपनी याचिका में चार फिल्मों और दो किताबों के बारे में बात की जो कि सुशांत के जीवन और असामयिक निधन से प्रेरित हैं। कृष्ण किशोर सिंह ने सुशांत सिंह राजपूत की प्रतिष्ठा, गोपनीयता और अधिकारों की रक्षा के प्रयास में यह याचिका दायर की है।
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सुशांत सिंह राजपूत - फोटो : social media
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विस्तार
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बीते जुलाई में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुशांत सिंह राजपूत पर आधारित फिल्म रिलीज करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुशांत के पिता ने फिल्म निर्माताओं के खिलाफ एक अपील में अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि अभिनेता की मृत्यु के बाद निहित गोपनीयता, प्रचार और व्यक्तित्व के अधिकार समाप्त हो गए हैं। सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने अब दिल्ली हाई कोर्ट में नई अपील दायर की है। उनका कहना है कि पार्टियां उनके बेटे की मौत के निजी जीवन पर फिल्में नहीं बना सकतीं।
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नहीं बना सकते फिल्में
सुशांत के पिता कृष्ण किशोर सिंह ने दाखिल अपनी याचिका में चार फिल्मों और दो किताबों के बारे में बात की जो कि सुशांत के जीवन और असामयिक निधन से प्रेरित हैं। कृष्ण किशोर सिंह ने सुशांत सिंह राजपूत की प्रतिष्ठा, गोपनीयता और अधिकारों की रक्षा के प्रयास में यह याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि किताबें, सीरीज और फिल्में दिवंगत अभिनेता के कानूनी उत्तराधिकारी की सहमति से बनाई जा रही थीं। ईटाइम्स से बात करते हुए सुशांत के पिता के वकील ने कहा, 'पिता की निजता के अधिकार में पारिवारिक जीवन भी शामिल है और पार्टियां उनके बेटे की मौत के निजी जीवन पर फिल्में नहीं बना सकतीं। इसके अलावा पुट्टुस्वामी में नौ जजों की पीठ का कहना है कि निजता के अधिकार में सम्मानजनक मृत्यु भी शामिल है। और उनकी मौत का मजाक बनाकर सुशांत की निजता के अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है।

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मौलिक अधिकारों को शामिल करना अदालत का काम
पुट्टस्वामी का यह भी कहना है कि जितना संभव हो उतने मौलिक अधिकारों को शामिल करना अदालत का काम है। और यदि कोई विदेशी कानून सम्मेलन है जो भारतीय कानून के विरोध में नहीं है तो उसे अपनाया जाना चाहिए। व्यक्तित्व अधिकार जो अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं, सभी सामान्य कानून वाले देशों में संरक्षित हैं। बता दें कि सुशांत के परिवार को लोग पहले भी उनपर फिल्में बनाने और किताबें लिखने के खिलाफ थे।
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