भारत और बांग्लादेश के सहयोग से बनी फिल्म ‘मुजीब- द मेकिंग ऑफ ए नेशन’ फिल्म का दमदार ट्रेलर रिलीज हो चुका है। यह फिल्म 27 अक्तूबर को रिलीज होने वाली है। बता दें कि इस फिल्म का निर्देशन श्याम बेनेगल ने किया है। यह फिल्म बांग्लादेश को अलग राष्ट्र बनाने के लिए पूरा जीवन समर्पित रहे और ‘बंगबंधु’ के नाम से लोकप्रिय नेता शेख मुजीबुर्रहमान पर आधारित है।
बायोपिक पर आधारित है फिल्म
‘मुजीब- द मेकिंग ऑफ ए नेशन’ बायोपिक है। भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के बाद पूर्वी पाकिस्तान के लोगों के हित के लिए अनवरत संघर्षरत रहे शेख मुजीबुर्रहमान को पाकिस्तान के सैन्य शासकों ने बहुत प्रताड़ित भी किया और वह आजादी मिलने के बाद से बांग्लादेश बनने तक के समय में बार-बार जेल गए। जिंदगी के करीब 11 साल जेल में बिताने वाले शेख मुजीबुर्रहमान को बांग्लादेश का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है।
ऐतिहासिक घटनाओं का प्रमाण है ये फिल्म
डायरेक्टर श्याम बेनेगल ने अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, 'मुझे इस फीचर फिल्म में काम करके बहुत मजा आया। भारत के राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम और बांग्लादेश फिल्म विकास निगम के साथ काम करना बेहद मजेदार रहा। 'फिल्म समकालीन ऐतिहासिक घटनाओं को यथासंभव प्रामाणिक रूप से दर्शाती है'। बेनेगल अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते है, 'शेख मुजीबुर रहमान न केवल एक किंवदंती हैं, बल्कि इसके पीछे के व्यक्ति भी हैं'। एक राष्ट्र का जन्म। मैंने इन ऐतिहासिक क्षणों को बहुत ईमानदारी से पर्दे पर उकेरने की की कोशिश की है। मुझे यकीन है कि यह फिल्म हर किसी को पसंद आएगी'।
जानिए कौन थे शेख मुजीबुर्रहमान
1947 में बंटवारे के बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था- पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान, जो बाद में बांग्लादेश बना था। अपने अस्तित्व में आने के बाद से ही पश्चिमी पाकिस्तान ने पूर्वी पाकिस्तान पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। जुर्म इस हद तक बढ़ने लगा कि सैकड़ों हत्याएं की गईं और महिलाओं के साथ अत्याचार किया जाने लगा। उस दौर में जब मासूमों पर सितम ढाया जा रहा था तब एक करिश्माई शख्स उन लोगों के साथ मसीहा बनकर खड़ा था जिसका नाम था- शेख मुजीबुर्रहमान, जिसे लोगों ने बंगबंधु की उपाधि से नवाजा। शेख मुजीबुर्रहमान बिना थके तब तक लड़ते रहे जब तक बांग्लादेश को एक अलग राष्ट्र स्थापित नहीं कर दिया।