‘हमें लगता है कि हर भारतीय खुद पर गर्व करता है और यूपी के मेरठ में यह गर्व उनके व्यवहार में दिखता है। इस गर्व में सख्ती है, लेकिन प्रेम से भरी हुई। हिमांशु शर्मा को जीरो की कहानी में इसी प्रकार के व्यक्ति की यात्रा तैयार करनी थी, जिसमें हमारा कैरेक्टर बउवा सिंह का है जो मेरठ से न्यूयॉर्क तक जाए।
यह मेरठ शहर की कहानी है जो दूसरे शहर तक जाती है। बउवा सिंह मेरठ में कच्छा-बनियान पहने घूमता है, हमारा सपना था कि मेरठ का यह लड़का जब अमेरिका पर छा जाए तो न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर पर इसी रूप में टहलता मिले। ...और यह दिखेगा भी।’ मेरठ शहर और जीरो के हीरो बउवा सिंह को इन्हीं शब्दों में किंग खान शाहरुख ने लखनऊ में आयोजित संवाद के दौरान समझाया।
शाहरुख ने बताया कि एक आम आदमी के गर्व और अपनी कमतरी को नकारता हुए दिखाने की कहानी उन्होंने मेरठ के परिप्रेक्ष्य में तैयार की है। यह आम आदमी अपनी जिंदगी से दुखी नहीं है। वह अपनी छोटी-छोटी उपलब्धियों पर गर्व करता है। ‘फिल्म में ऐसी सीन है, जहां लड़की बउवा से कहती है कि जिस तरह तुम ब्रेड पकौड़ा खा रहे हो, लगता नहीं है कि सातवीं भी पास हो, बउवा सिंह जवाब देता है कि नहीं, नौवीं तक किया है।’
हमारी पीढ़ी में है यह गर्व
शाहरुख कहते हैं कि हमारी पीढ़ी भारतीय होने पर गर्व रखती है और उत्तर प्रदेश में तो यह गर्व सबसे मुखर रूप में सामने आता है। यह स्वभाव का हिस्सा है, यूपी में यह गर्व कुछ अलग अंदाज पैदा करता है जो सख्त है। लेखक हिमांशु और कलाकार जीशान ने इस शैली को पकड़ने में बाकी फिल्म के सदस्यों और शाहरुख खान की मदद की।
मेरठ में होर्डिंग लगने पर जताई खुशी, आने का वादा किया
जब शाहरुख को बताया गया कि उनके फैंस ने मेरठ में उनके पोस्टर लगाने शुरू कर दिए हैं, उनकी खुशी देखते ही बनती थी। उन्होंने वादा किया कि वे 21 दिसंबर के बाद मेरठ आएंगे।