साल के आखिरी दिनों में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने की तैयारी कर रहे अभिनेता आमिर खान का मानना है कि सचिन तेंदुलकर के संन्यास लेने के बाद क्रिकेट के मैदान में बीते 24 साल से मची धूम खत्म हो जाएगी और वीरानी-सी छा जाएगी।
आमिर ने ‘धूम-3’ का ट्रेलर रिलीज करने के मौके पर यह बात कही। आमिर से उनकी फिल्म को लेकर हुए सवाल-जवाब के बीच मीडिया ने जानना चाहा कि बीते 24 साल से क्रिकेट की दुनिया में धूम मचाने वाले ‘वंडर बॉय’ सचिन के संन्यास के बाद वे क्रिकेट की दुनिया को किस तरह देखेंगे?
आमिर ने कहा, ‘सचिन के बाद सचमुच एक वीराना-सा लगेगा। खाली खाली-सा लगेगा उनके बगैर। सचिन ने जो किया है वह हमेशा के लिए हमारे दिलों में समाया रहेगा। उन्होंने जो करिश्मे किए हैं वे वाकई अविश्वसनीय हैं।’ सचिन की प्रशंसा करते हुए आमिर यहीं नहीं रुके।
सचिन की सेंचुरी है खास
उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए सचिन हिंदुस्तान की सामूहिक चेतना में समाए गौरव का विषय हैं। वे हमारे साथ इतने एकमेक हैं कि जब हम अपनी जिंदगी में परेशान होते हैं तब भी सचिन को खेलते देखना हमें अच्छा लगता है।
हम परेशान हैं और अगर सचिन ने मैदान पर चौका लगा दिया तो हम खुश हो जाते हैं। हमें लगता है कि हमने चौका जमा दिया है। सचिन की सेंचुरी होती है तो हमारे सीने गर्व से फूल जाते हैं। मुझे लगता है कि हर भारतीय के साथ उनका अनदेखा-अनजाना संबंध है।’
आमिर के साथ इस मौके पर ‘धूम’ सीरीज की फिल्मों के एसीपी जय दीक्षित की भूमिका निभाने वाले अभिषेक बच्चन भी मौजूद थे। अभिषेक ने सचिन के सवाल पर उन क्षणों को याद किया जब वे उस समारोह में थे, जहां तमाम बड़े सेलेब्रिटी तेंदुलकर के सौंवे शतक का जश्न मना रहे थे।
अभिषेक ने कहा कि जब मैं सचिन से मिला तो मैंने उनके कहा कि विश्वास कीजिए आपके हर शतक में हर भारतीय का भी योगदान है। हजारों-हजार लोग जब आपको शतक के नजदीक पाते हैं तो जिस स्थिति में होते हैं वैसे ही रह जाते हैं कि कहीं उनके हिलने-ढुलने, चलने-फिरने से स्थितियां हिल न जाएं और सचिन आउट हो जाएं। इस तरह वे सचिन के शतक में हिस्सेदार बन जाते हैं।
विदेश में गर्व की बात
अभिषेक के अनुसार, ‘उस वक्त हम सबको लगता है कि यह सब हमारी वजह से हो रहा है।’ अभिषेक ने बताया, ‘दूसरी बात जो मैंने उनसे कही वह यह थी कि जब हम विदेश में होते हैं तो बहुत गर्व से सिर उठा कर लोगों को बताते हैं कि हम उसी देश से हैं जहां के सचिन तेंदुलकर हैं।’
अभिषेक मानते हैं कि सचिन के क्रिकेट को अलविदा कहने से खेल को बड़ा नुकसान होगा। लेकिन हर व्यक्ति की अपनी सीमाएं होती हैं और क्रिकेट के माध्यम से सचिन ने देश की जो सेवा की उसे कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। हम उन्हें ‘मिस’ करेंगे।