बॉलीवुड में 27 साल से अभिनय कर रहीं रवीना की गिनती आज वरिष्ठ अभिनेत्रियों में होती है। अपने समय की बेहतरीन अभिनेत्री ने तमाम तरह के रोल निभाए हैं। 1991 में सलमान के अपोजिट फिल्म पत्थर के फूल से हिंदी सिनेमा में कदम रखने वालीं अभिनेत्री के मुताबिक एक फिल्म के रेप सीन ने उन्हें भीतर तक झकझोर कर रख दिया था।
2017 में रिलीज फिल्म मातृ में रवीना की भूमिका बेहद दमदार थी, लेकिन इसके एक रेप सीन को फिल्माने में उनकी जान निकल गई। अभिनेत्री रवीना के अनुसार कई बार रेप के सीन तो इतने भयावह थे कि उनके रोंगटे खड़े हो गए थे। रवीना ने फिल्म की शूटिंग के बाद बताया था कि वह फिल्म में किए गए एक रेप सीन की शूटिंग की वजह से कई रातों तक ठीक से सो नहीं पाईं।
इस सीन को दोबारा डब करने के बाद तो वह और भी परेशान हो गई थीं। हालत ऐसी थी कि कई रातें उन्होंने रोते-रोते काटीं। वैसे तो फिल्मों में रेप सीन देना अभिनय का हिस्सा है, लेकिन यह उतना आसान नहीं है जितना दर्शकों को लगता है। बता दें कि 43 साल की हो चुकीं रवीना टंडन करीब 100 फिल्मों में काम कर चुकी हैं।
पहली ही फिल्म ‘पत्थर के फूल’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। उन्हें न्यू फेस ऑफ द ईयर चुना गया था। हिंदी फिल्मों के अलावा रवीना तमिल, तेलुगु और कन्नड़ भाषा की फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।