जमानत के लिए दाखिल की थी याचिका
रान्या राव ने 14 मार्च को जमानत के लिए आवेदन किया था। हालांकि, आर्थिक अपराधों के लिए विशेष अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ आरोप गंभीर हैं। न्यायाधीश विश्वनाथ सी गौदर की अध्यक्षता वाली अदालत ने इस बात पर सहमति जताई कि अभिनेत्री को न्यायिक हिरासत में रहना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
इसके बाद, उनकी कानूनी टीम ने उनकी जमानत के लिए सत्र न्यायालय का रुख किया। रान्या राव को 3 मार्च को बेंगलुरु अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 12.56 करोड़ रुपये मूल्य के 14.2 किलोग्राम सोने के कब्जे के लिए गिरफ्तार किया गया था। वह दुबई से भारत आई थीं और उनपर एक हाई-प्रोफाइल सोने की तस्करी का हिस्सा होने का आरोप था। हिरासत के दौरान अभिनेत्री ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को कबूल कर लिया। उन्होंने अधिकारियों को विस्तार से बताया कि कैसे उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया और उन्हें दुबई से सोने की तस्करी करने के लिए कहा गया। उन्होंने आगे खुलासा किया कि उन्होंने यूट्यूब वीडियो से तस्करी की तरकीब सीखी।
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डीआरआई अधिकारियों पर रान्या ने लगाए कई आरोप
15 मार्च को रान्या राव ने डीआरआई अधिकारियों द्वारा हिरासत में यातना दिए जाने का आरोप लगाया। परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से दायर याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ शारीरिक रूप से मारपीट की गई, उन्हें कई बार थप्पड़ मारे गए और उन्हें सोने और खाने के लिए भी नहीं दिया गया। इतना ही नहीं उन्हें दबाव में खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए भी मजबूर किया गया।