इस दौरान रणवीर सिंह ने कहा, 'जब मुझे 83 साल की कहानी सुनाई गई, तो मुझे कहानी की सबसे अच्छी बात यह लगी कि उस दौर में कैसे टीम ने लोगों और संस्कृतियों का समावेश करके जश्न मनाया, एक टीम बनाई जिसने हमें 1983 क्रिकेट विश्व कप जिताया। उन्होंने हमें विश्वास दिलाया कि हम विश्व विजेता हो सकते हैं। अगर हमें दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनना है, तो हमें एक साथ आना होगा और एक देश के रूप में एकजुट होना होगा'। रणवीर कहते हैं, 'मैंने भारतीय सांकेतिक भाषा (ISL) को भारत की 23वीं आधिकारिक भाषा बनाने के लिए समर्थन किया है ताकि हम अपने समाज में बधिर लोगों को समान अवसर प्रदान कर सकें। मैं हमेशा भारत में बधिर लोगों के बारे में बातचीत शुरू करने के अवसरों की तलाश में रहता हूं'।
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नेक काम में आगे बढ़कर हिस्सा लें फैंस
रणवीर ने भारतीय साइन लैंग्वेज को आधिकारिक भाषा बनाए जाने की मांग की है। उन्होंने फैंस से इस याचिका को साइन करने की अपील की है। अभिनेता ने फैंस से कहा है कि वह ज्यादा से ज्यादा इस नेक काम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। अभिनेता ने लिंक साझा करते हुए कहा- 'याचिका का लिंक लाइव हैl भारतीय साइन लैंग्वेज को हमारे संविधान के अंतर्गत देश की आधिकारिक भाषा बनाएंl सपोर्ट करें, साइन करें, शेयर करें'।
