महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन पर एक्ट्रेस का बयान
‘पेद्दी’ के रिलीज के बाद साउथ सिनेमा में महिलाओं की प्रस्तुति को लेकर एक बड़ी बहस भी शुरू हो गई है। पिछले साल एक्ट्रेस राशि खन्ना ने भी फिल्मों में महिलाओं के ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की थी।
पिछले साल जूम से बातचीत के दौरान उन्होंने साउथ सिनेमा में महिलाओं की प्रस्तुति पर रिएक्शन दिया था। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत जरूरी है कि मैं जो भी कर रही हूं, उसमें मैं कंफर्टेबल रहूं। अगर मुझे लगता है कि कोई लाइन क्रॉस हो रही है और उसमें मैं सस्ती लग सकती हूं, तो मैं उसे मना कर दूंगी। हर एक्टर का अलग कंफर्ट जोन होता है, और मैं किसी को जज नहीं करती।’
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ऑब्जेक्टिफिकेशन सिर्फ साउथ नहीं, बॉलीवुड में भी
उन्होंने आगे कहा, ‘जहां तक महिलाओं की प्रस्तुति की बात है, यह सिर्फ साउथ की बात नहीं है; मैं नॉर्थ में भी इसे काफी देखती हूं। यह पूरी तरह एक्टर की पसंद पर निर्भर करता है। कुछ लोग इसमें कंफर्टेबल होते हैं, कुछ नहीं। मैंने साउथ में कई कमर्शियल फिल्में की हैं, इसलिए अब मुझे लगता है कि हिंदी में एक कदम आगे बढ़ाकर कंटेंट वाली फिल्मों में काम करना चाहिए। मैं कमर्शियल फिल्में करने में ठीक हूं, लेकिन मेरी भी एक लिमिट है। हर एक्टर की अपनी सीमा होती है, और वही उन्हें परिभाषित करती है।’